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बिहार: क्या क्रॉस वोटिंग करने वाले राजद के तीन विधायक होंगे अयोग्य, गैर-हाजिर रहे जदयू एमएलए का क्या होगा?

Mon, 12 Feb 2024 08:32 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bihar Floor Test: नीतीश कुमार सरकार सोमवार को बहुमत परीक्षण में पास हो गई। नीतीश सरकार के पास 128 विधायक थे और जब बहुमत परीक्षण हुआ तो इनकी संख्या 130 हो गई। राजद के तीन विधायकों ने सदन में क्रॉस वोटिंग की जबकि जदयू के एक विधायक वोटिंग में मौजूद नहीं रहे। 
 
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बिहार की राजनीति - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बिहार की राजनीति के लिए सोमवार का दिन काफी गहमा-गहमी वाला रहा। विधानसभा में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के सामने बहुमत परीक्षण की चुनौती थी जिसे उसने पार कर लिया। पिछले दिनों जदयू महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में शामिल हो गई थी। इसके साथ ही एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। 
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सरकार बदलने के बाद हुए बहुमत परीक्षण में क्रॉस वोटिंग भी हुई। राजद के तीन विधायकों ने सत्ता पक्ष की तरफ बैठकर सरकार के लिए मतदान किया। इस पर तेजस्वी यादव के विरोध जताया और कहा यह नियम के विरोध में है। वहीं, जदयू के एक विधायक भी मतदान के दौरान सदन में मौजूद नहीं रहे। 



आइये जानते हैं कि क्रॉस वोटिंग किन विधायकों ने की? कौन अनुपस्थित रहा? क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों का क्या होगा? जो मौजूद नहीं थे उनका क्या होगा? नियम क्या कहता है?
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बिहार की राजनीति - फोटो : Amar Ujala
क्रॉस वोटिंग किन विधायकों ने की? 
दरअसल, बहुमत परीक्षण से पहले विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। राजद के खेमे में सत्ता पक्ष ने सेंध लगा दी। राजद के तीन विधायक चेतन आनंद,  प्रह्लाद यादव और नीलम देवी सत्ता पक्ष के खेमे में बैठे दिखे। तेजस्वी यादव ने इसका विरोध जताया और कहा यह नियम के खिलाफ है। हालांकि, तीनों विधायक सत्ता पक्ष के साथ न सिर्फ बैठे बल्कि विधानसभा अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव और सरकार के विश्वास मत के दौरान सस्ता पक्ष के लिए वोट भी किया।



विश्वास प्रस्ताव पर हुई वोटिंग के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह के बाद सदन में मतदान कराया गया। सत्ता पक्ष के समर्थन में 129 वोट पर पड़े। राजद समेत महागठबंधन ने वॉकआउट किया। इस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुमत परीक्षण में पास हो गए। सरकार के पास पहले 128 विधायक थे। राजद के तीन विधायकों ने सत्ता पक्ष के लिए मतदान किया जबकि जदयू के विधायक दिलीप राय मतदान से गैर-हाजिर रहे। वहीं, सदन चला रहे उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

बिहार की राजनीति - फोटो : Amar Ujala
क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों का क्या होगा? 
इस विषय पर हमने लोकसभा के पूर्व महासचिव पीटीडी अचारी से बात की। अचारी कहते हैं, 'क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को अयोग्य ठहराया जाएगा। इसकी प्रक्रिया राजद ही शुरू करेगी।' यदि राजद अपने विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया न शुरू करे तो क्या होगा?  इस सवाल के जवाब में अचारी कहते हैं, 'ऐसे में विधायकों की सदस्यता बची रहेगी।'
 
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सीएम नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
जो विधायक मौजूद नहीं थे उनका क्या होगा?
जदयू के विधायक दिलीप राय सोमवार को सदन में मौजूद नहीं रहे। ऐसे में दिलीप के सियासी भविष्य को लेकर भी तमाम तरह के सवाल हैं। इस पर पीटीडी अचारी कहते हैं, 'जो अनुपस्थित थे वो कारण लिखकर दे देंगे। यदि कारण ठीक हैं तो उन्हें माफ किया जाएगा।'
 
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