बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी हमारी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात बांकीपुर सीट की करेंगे। बांकीपुर सीट को 2010 के पहले से पटना पश्चिम के नाम से जाना जाता था। मौजूदा समय में बांकीपुर सीट से नितिन नबीन विधायक हैं। वहीं, पटना पश्चिम सीट की बात करने तो इस सीट से बिहार के चौथे और पांचवें मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय, महामाया प्रसाद सिन्हा विधायक रहे चुके हैं। इसके साथ ही इस सीट से पूर्व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के पिता ठाकुर प्रसाद भी विधायक रहे चुके हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला पटना भी है। पटना जिला छह अनुमंडल और 23 ब्लॉक में बंटा है। जिले में 14 विधानसभा सीट हैं। इनमें मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी (एससी), मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज बांकीपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। बांकीपुर सीट पहले पटना पश्चिम सीट नाम से जानी जाती थी। 2008 में हुए परिसीमन के बाद बांकीपुर सीट अस्तित्व में आई। वहीं, पटना पश्चिम सीट पर पहली बार चुनाव 1957 में चुनाव हुआ था।
1957: कांग्रेस को मिली जीत
1967: केबी सहाय को मिली हार
1967 के विधानसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में जन क्रांति दल महामाया प्रसाद सिन्हा ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के केबी सहाय को 20,729 वोट से हराया। महामाया को कुल 34,034 वोट मिला। वहीं केबी सहाय को 13,305 वोट मिले। तत्कालीन मुख्यमंत्री को हराकर जायंट किलर बनकर उभरे महामाया प्रसाद सिन्हा को इस जीत का बहुत बड़ा इनाम मिला। महज 13 विधायकों वाली पार्टी के विधायक होकर भी उन्होंने कर्पूरी ठाकुर जैसे दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। हालांकि, उनका कार्याकाल मात्र 10 महीने का रहा।
1969: भाकपा को मिली पहली जीत
1977: जनता पार्टी से ठाकुर प्रसाद को मिली जीत
1977 के विधानसभा चुनाव में पटना पश्चिम सीट से जनता पार्टी के ठाकुर प्रसाद ने जीत हासिल की। उन्होंने भाकपा के सुरेंद्र प्रसाद यादव को 30,115 वोट से मात दी। ठाकुर प्रसाद को कुल 45,935 वोट मिले। वहीं, सुरेंद्र यादव को मात्र 15,820 वोट मिले।
बिहार में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में रहे ठाकुर प्रसाद पटना उच्च न्यायालय के एक प्रख्यात वकील थे। ठाकुर प्रसाद के बेटे रवि शंकर प्रसाद मौजूदा समय पर भाजपा के बड़े नेताओं में शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद पटना साहिब लोकसभा सीट से सांसद भी हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट भी इस लोकसभा सीट का हिस्सा है।
1980: 13 साल बाद कांग्रेस की वापसी
1980 के चुनाव में पटना पश्चिम से कांग्रेस को जीत मिली। इस चुनाव में कांग्रेस के रंजीत सिन्हा जीते। उन्होंने कांग्रेस (यू) के कृष्ण नंदन साहा को 1,641 वोट से हराया। रंजीत सिन्हा को 26,300 वोट मिले। वहीं कृष्ण को 24,659 वोट मिले।
1985: निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत
1995: भाजपा को मिली पहली जीत
2010: बांकीपुर सीट से नितिन को मिली जीत
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