सरकार और अमेरिकी सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर में नए आईटी कानून सहित विभिन्न मुद्दों पर तकरार के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ये कंपनियां नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कहा, बड़ी आईटी कंपनियां बतौर ‘नॉन स्टेट प्लेयर’ बेहद ताकतवर और प्रभावशाली हैं, लेकिन जवाबदेही कहां है। इस पर व्यापक बहस जरूरी है। इंडिया ग्लोबल फोरम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ वर्चुअल संवाद में जयशंकर ने कहा, भारत में भी बड़ी तकनीकी कंपनियों पर जबर्दस्त बहस छिड़ी है।
उन्होंने कहा, इस बात से कोई इनकार नहीं कर रहा कि ये कंपनियां तरक्की की अगुआ हैं। लेकिन लोकतांत्रिक समाज में हमें खुद से पूछना होगा कि इनकी व्यापक मौजूदगी और हमारी जिंदगी में गहरी पैठ के बावजूद इनकी जवाबदेही कहां है। जवाबदेही कौन तय करेगा।
विदेशमंत्री ने कहा, ये कंपनियां बाकी देशों की तरह हमारे डाटा का भी इस्तेमाल करती हैं। तकनीकी की ताकत के बारे में पूछने पर जयशंकर ने कहा, कुछ बेहद गंभीर सवाल हैं, जिन पर बहस की जरूरत है। टेक कंपनियां नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कहा, आपको केवल इसलिए उनसे सवाल पूछने से नहीं बचना चाहिए कि आप अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करेंगे।
कई मामलों में आप देश से भी बड़े हैं
विदेश मंत्री ने कहा, टेक कंपनियों की राजनीति सहित कई मसले को प्रभावित करने की क्षमता है और इसके कई पहलू हैं। मैं समझता हूं ये मुद्दे इसलिए हैं, क्योंकि दिग्गज टेक कंपनियों ने एक तरफ राजनीतिक मुद्दों को लेकर शासन को प्रभावित किया है। दूसरी तरफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी प्रभावित किया है।
जयशंकर ने कहा, क्या हुआ कि आप सरकारी नुमाइंदा तो नहीं हैं, लेकिन कई मामलों में देश से भी बड़े हैं।
अमेरिकी कॉपीराइट कानून लागू करते हैं तो भारतीय कानून भी मानना होगा : रविशंकर
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय करने की वकालत की है। आईटी मंत्री ने बुधवार को कहा, यदि ट्विटर अमेरिकी कॉपीराइट कानून के नाम पर मेरे अकाउंट को ब्लॉक करता है, तो उसे भारत के कानून का भी संज्ञान लेना होगा, जहां से वह कमाई करता है।
प्रसाद ने कहा, ट्विटर ने अमेरिकी डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट कानून के तहत चार साल पुरानी शिकायत के आधार पर पिछले हफ्ते मेरे खाते को एक घंटे के लिए बंद कर दिया था। आप यह नहीं कह सकते कि आपका पूरा काम अमेरिकी कानून के हिसाब से चलता है।
उन्होंने कहा, सोशल मीडिया कंपनियां भारत में कारोबार करने को स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें भारत के संविधान और कानून के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा।
ट्विटर तुरंत हटाए अश्लील सामग्री : महिला आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग ने ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक को एक हफ्ते के अंदर अपने प्लेटफॉर्म से अश्लील फिल्में और घटिया सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।
आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने को कहा है।
आयोग ने इस मामले में ट्विटर पर कई प्रोफाइल पर अश्लील सामग्री साझा करने का स्वत: संज्ञान लिया है। पहले भी इस तरह की शिकायत मिलने के बाद आयोग ने इस मामले को ट्विटर की जानकारी में लाया था, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।