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Year Ender 2021: 10 उपलब्धियां जो बनीं भारत का सिरमौर, दुनिया ने भी कहा 'वाह' INDIA

Fri, 31 Dec 2021 07:26 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत अब समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक नया इतिहास रच रहा है। जल-थल नभ में भारत की भूमिका विश्व को नई राह दिखा रही है। क्लाइमेट चेंज से लेकर कौशल विकास का रोल मॉडल बन रहा है। भारत का भरोसा अब सपने देखने में नहीं उसे साकार करने में है।  साल 2021 कोरोना की दूसरी लहर की खौफनाक यादें तो छोड़ ही रहा है, पर हमें भारतीय होने पर गर्व करने के लिए भी बहुत सी उपलब्धियां भी छोड़े जा रहा है, जो हमेशा नई उम्मीदों को ऊर्जा देती रहेंगी। आइए जानते हैं कि देश ने इस साल क्या उपलब्धियां हासिल की है। 
 
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साल 2021 की बड़ी उपलब्धियां - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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2022 का आगमन और 2021 की विदाई के बीच बस चंद दिनों का फासला है। आगमन हमेशा उम्मीद और आकर्षण लेकर आता है, लेकिन बीते हुए साल की बुनियाद पर ही आने वाले साल का अस्तित्व बनता है। साल 2021 जो बीत रहा है, वही नए साल के आगाज का आधार बन रहा है। ये साल अपने पीछे हमें उपलब्धियों की एक लंबी फेहरिस्त देकर जा रहा है जो आने वाले सालों में भारत की विजयगाथा को दुनिया के सामने गूंजायमान करती रहेगी या यूं कहूं तो विश्वपटल पर भारत की विजय पताका को फहराती रहेगी। 2021 में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं उसके हम सब साक्षी रहे हैं। वैसे कोई भी राष्ट्र हर दिन हजारों कामयाबियां हासिल करता है, उन्हीं में से कुछ उपलब्धियां ऐसी होती है जो हर व्यक्ति के लिए मायने रखती हैं, जो राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के विकास और उम्मीद को ऊर्जा देती हैं जीने के लिए आवश्यक होती हैं, उन्हीं चुनिंदा उपलब्धियों को आपके सामने रख रहा हूं। जो हम सबको श्रेष्ठ और उत्कृष्ट करने के लिए आगे भी प्रेरित करती रहेंगी...

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100 करोड़ टीकाकरण कर भारत ने विश्व में रचा इतिहास

100 करोड़ टीकाकरण - फोटो : ANI
कोरोना महामारी के खिलाफ भारत ने सबसे कम समय में 100 करोड़ टीकाकरण का मुकाम हासिल किया। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में भारत ने 21 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक उपलब्धिक हासिल कर ली। दुनिया में भारत 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पार करने वाला पहला राष्ट्र बन गया। भारत की इस उपलब्धि को संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी सराहा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीनेशन में 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने पर देशवासियों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, 'हमारे डॉक्टरों, नर्सों और उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए काम किया। ' भारत द्वारा 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पूरा किए जाने पर दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में एक कार्यक्रम रखा गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। अस्पताल में 100 करोड़ वां टीका वाराणसी के दिव्यांग अरुण रॉय को लगाया गया।  भारत में कोरोना टीकाकरण का अभियान तेजी से जारी है। खबर लिखे जाने तक भारत में 138 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसमें पहली और दूसरी खुराक शामिल है।   

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) के मौके पर 2.5 करोड़ टीका लगाकर कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने टीकाकरण का अपना ही विश्व रिकार्ड तोड़ दिया। इसके पहले भारत में 31 अगस्त को 1.41 करोड़ डोज लगाने का रिकार्ड बना था। इस पर पीएम मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी। 

टोक्यो ओलंपिक में भारत की 'स्वर्णिम' छलांग 

टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीटों की बढ़ी ब्रांड वैल्यू - फोटो : सोशल मीडिया
भारत ने ओलपिंक इतिहाल टोक्यो ओलंपिक काफी यादगार रहा। भारत ने जापान की राजाधानी टोक्यो  में हुए खेलों के महाकुंभ में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। देश ने लंबे समय बाद एक साथ सात मेडल पर कब्जा जमाया।  एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदकों के साथ भारत पदक तालिका में 48वें नंबर पर पहुंच गया। ओलंपिक खेलों के इतिहास में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। जब एक साथ भारत ने सात पदक अपने नाम किए। इससे पहले 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह मेडल जीता था। भारत की तरफ से पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल दिलाकर एक नया कीर्तिमान रच दिया। भारत की ओर से ट्रैक एंड फील्ड में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए नीरज चोपड़ा इसके अलावा वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि कुमार ने रजत मेडल जीता। वहीं बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन, शटलर पीवी सिंधु, रेसलर बजरंग पूनिया और भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल के सूखे को खत्म कर कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया।

सहकारिता से सामाजिक समृद्धि

सहकारिता सम्मेलन में अमित शाह - फोटो : ANI
साल 2021 में मोदी सरकार ने गांव, गरीब और किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया।  मोदी सरकार ने 'सहकार से समृद्धि' के सपने को साकार करने के लिए 'सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है। नया सहकारिता मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा। यह सहकारी समितियों को जमीनी स्तर तक पहुंचने वाले एक सच्चे जनभागीदारी आधारित आंदोलन को मजबूत बनाने में भी सहायता प्रदान करेगा। सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपी गई है। 

सहकारिता आधारित विकास मॉडल बेहद प्रासंगिक
हमारे देश में सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है, जहां प्रत्येक सदस्य अपनी जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करता है। सहकारी समितियों को पिछड़ने से बचाने और उन्हें विकास के पथ पर आगे ले जाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है। यह मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए 'कारोबार में सुगमता' के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों (एमएससीएस) के विकास को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करेगा।

भारत बना UNSC का अध्यक्ष

भारत बना UNSC का अध्यक्ष - फोटो : Twitter
उपलब्धियों के मामले में भारत ने इस साल एक और बड़ी छलांग लगाई। पहली बार भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभाली। 2 अगस्त को भारत सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बना। अगस्त से पूरे एक महीने के लिए भारत के हाथों में दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान रही। इस दौरान भारत समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर अपना विचार रखा और इससे निपटने के बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रास्ता दिखाया। सुरक्षा परिषद के एक अस्थायी सदस्य के रूप में भारत का दो साल का कार्यकाल 1 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ।  संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का संचालन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि, निकोलस डी रिवेरे को धन्यवाद दिया। तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि भारत परिषद के भीतर और बाहर दोनों जगह आतंकवाद से लड़ने पर जोर देता रहा है। हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के प्रयासों को न केवल मजबूत किया है, बल्कि आतंकवाद के वित्त पोषण को और आतंकवाद पर ध्यान को कमजोर करने की कोशिशों को भी रोकने का काम किया है। 

भारत ने दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर बनाया

वायुसेना के लड़ाकू विमान - फोटो : ANI
भारत अपनी सुरक्षा को अभेद बनाने और हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में भारत ने दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर बनाया है। 22 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में झांसी में आयोजित ‘राष्ट्रीय रक्षा समर्पण’ समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना  को स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर सौंपा। भारत सरकार की ओर से अक्तूबर 2006 में स्वदेशी निर्मित और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर के डिजाइन और विकास को मंजूरी दी गई थी।  हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस LCH में 20 मिमी की बंदूक, 70 मिमी की रॉकेट और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी लगी हुई हैं। मिशन के दौरान इस अटैक हेलीकॉप्टर को मैन्युअली ऑपरेट किया जाता है। इसे 180 डिग्री पर खड़ा किया जा सकता है और जरूरत पड़ी तो उल्टा भी किया जा सकता है। यह 360 डिग्री पर घूम सकता है यानी इसे हवा में ही तेजी से घूमने और अपना मार्ग बदलने में महारथ हासिल है।

चीन-पाक के खिलाफ सबसे बड़ी 'स्वदेशी' डील  

एलसीए तेजस - फोटो : Tejas Website
भारतीय वायुसेना के बेड़े में जल्द 83 तेजस विमान शामिल होंगे। लड़ाकू विमान तेजस की 48 हजार करोड़ की डील को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी ने मंजूरी दे दी, जिसके बाद  3 फरवरी  2021 को भारतीय वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के बीच 83 स्वदेशी तेजस विमान के लिए करार हुआ। इस डील के तहत भारतीय वायुसेना को 48,000 करोड़ रुपए में 83 तेजस विमान मिलेंगे। डील पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये डील रक्षा क्षेत्र में गेमचेंजर साबित होग।  बता दें कि तेजस हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है। इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। तेजस की स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है। यह 13500 किलोग्राम वजन ले जा सकता है। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।  तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से तैयार किया गया है।

सरहद की सुरक्षा करेगा 'महाकवच'

S 400 मिसाइल सिस्टम - फोटो : PTI
भारत को जिस आसमानी महाकवच का इंतजार था वह आखिरकार साल 2021 के जाते-जाते मिल गया। भारत का जिगरी दोस्त रूस ने एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को भेज दिया। 20 दिसंबर को इसकी पहली खेप पंजाब में तैनात की जा चुकी है। एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के आने के बाद भारत की सुरक्षा अभेद्य हो गई है। वहीं, भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ गई है । इसकी तैनाती के बाद देश के दुश्मन आसमान से हमला करने से पहले सोचेंगे। वो घबराएंगे क्योंकि इस महाकवच के सामने दुनिया का कोई भी बाहुबली हथियार काम नहीं करता। यह आसमान में घात लगाकर आते हमलावर को पलभर में ऊपर ही ढेर कर देता है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को दुनिया की सबसे सक्षम मिसाइल प्रणाली माना जाता है। 

एस-400 सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है कि यह एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है और इसे कहीं मूव करना बहुत आसान है। सैन्य ट्रक पर डालकर इस सिस्टम को कहीं भी प्लेस किया जा सकता है। माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है
 

सबसे बड़ा खाद्यान्न निर्यातक बना भारत 

आयात-निर्यात - फोटो : pixabay
 भारत ने अरब देशों को फूड एक्सपोर्ट करने के मामले में ब्राजील को पीछे छोड़कर इतिहास रच दिया है। ऐसा बीते 15 सालों में पहली बार हुआ है, जब भारत इस मामले में पहले स्थान पर पहुंचा है। दरअसल, ब्राजील के लिए अरब देश सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में से एक हैं, लेकिन कोविड महामारी के चलते अरब देशों और ब्राजील के बीच की दूरी का असर ग्लोबल लॉजिस्टिक सेवाओं पर पड़ा। इसके चलते ही ब्राजील फूड एक्सपोर्ट करने के मामले में भारत से पिछड़ गया। 
 

21 साल बाद भारत के सर सजा मिस यूनिवर्स का ताज

हरनाज कौर संधू मिस यूनिवर्स 2021 - फोटो : harnaazsandhu_03/ instagram
21 साल बाद मिस यूनिवर्स 2021 का ताज भारत के नाम सजा है। भारत की मॉडल हरनाज कौर संधू ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इजराइल के एलात में 70वीं मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता में चंडीगढ़ की रहने वाली 21 साल की हरनाज कौर संधू ने यह अवॉर्ड अपने नाम किया। हरनाज संधू से पहले दो भारतीय मिस यूनिवर्स का खिताब जीत चुकी हैं। 1994 में पहली बार सुष्मिता सेन ने और दूसरी बार साल 2000 में लारा दत्ता ने यह खिताब जीता था। खिताब जीतने के बाद हरनाज संधू ने कहा, "मैं ईश्वर, माता-पिता और मिस इंडिया ऑर्गेनाइजेशन का आभार प्रकट करती हूं, जिन्होंने इस पूरी यात्रा में मेरा मार्गदर्शन किया और मेरी सहायता की। 13 दिसंबर को हरनाज कौर संधू ने जैसे यह खिताब जीता कि सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया। 

हरनाज ने दिया बेहतरीन जवाब
 टॉप तीन राउंड में हरनाज कौर संधू से सवाल किया गया था कि आप आज की युवा महिलाओं को प्रैशर हैंडल करने के लिए क्या सलाह देंगी। इसपर हरनाज संधू ने बढ़िया जवाब दिया। हरनाज ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ा प्रेशर जिसका यंग लोग सामना कर रहे हैं, वो है खुद पर भरोसा नहीं करना। वो ये नहीं जान पाते कि वो सबसे अलग हैं। अपनी तुलना दूसरों के साथ करना बंद कीजिए। अपने आप पर भरोसा रखिए। क्योंकि आप अपनी लाइफ के खुद लीडर हैं। मैंने खुद में विश्वास रखा इसलिए आज मैं यहां पर खड़ी हूं।

नीना गुप्ता को रामानुजन पुरस्कार 

नीना गुप्ता, प्रसिद्ध गणितज्ञ - फोटो : सोशल मीडिया
इंडियन स्टैटिस्टकल इंस्टीट्यूट (ISI) कोलकाता की प्रोफेसर और प्रसिद्ध गणितज्ञ  नीना गुप्ता को गणित के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक रामानुजन पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान पाने वाली नीना गुप्ता भारत की पहली महिला और चौथी भारतीय हैं। नीना को विकासशील देशों के युवा गणितज्ञों के लिए जारिस्की रद्दीकरण समस्या की दिशा में उनके काम के लिए डीएसटी-आईसीटीपी-आईएमयू रामानुजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। देश की इस बेटी ने दुनिया को गणित में भारत का लोहा मनवाया है। रामानुजन अवॉर्ड जीतने के बाद नीना गुप्ता ने कहा मैथ जीवन के हर हिस्से में है..सूरज उगन से लेकर सूर्यास्त तक जीवन से जुड़ी हर चीज मैथ से जुड़ी है वो सुबह की चाय में चायपत्ती डालने से लेकर खाना बनाने तक किसमें कौन सी चीज कितनी मात्रा में डालनी है यही मैथ है इसलिए मैथ से डरें नही मैथ से प्यार करें...
 

विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन का सपना पूरा

हबीबगंज (भोपाल) रेलवे स्टेशन - फोटो : Indian Railways
पीएम मोदी का वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का सपना पूरा हुआ जब उन्होंने मध्यप्रदेश  की राजधानी भोपाल में  15 नवंबर को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं वाले रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। PPP मॉडल पर बने देश के इस पहले रेलवे स्टेशन का रिनोवेट जर्मनी के हेडलबर्ग रेलवे स्टेशन की तर्ज पर किया गया है। साल 1955 में बने जर्मन हेडलबर्ग रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 42 हजार यात्री आते हैं, लेकिन यहां पर भीड़ नहीं होती है और ना ही कोई परेशानी। इसी स्टेशन की तरह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन  में भी सेफ्टी, सिक्योरिटी की सुविधा दी गई है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को बनाने में लगभग 450 करोड़ रुपए खर्च किया गए हैं। 
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जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट 

पीएम मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया - फोटो : ANI
साल 2021 की विदाई में उत्तर प्रदेश की झोली में दो-दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात मिली। इस साल कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ है। वहीं, दिल्ली के नजदीक जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखी गई। पीएम मोदी ने जेवर में एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के चौथे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की आधारशिला रखी, नवंबर 2024 से जेवर एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो जाएंगी.. 3300 एकड़ जमीन में 30 हजार करोड़ की लागत से बन रहा है विश्व का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट इसमें 5 रनवे होंगे... ये उत्तर प्रदेश का पांचवां एयरपोर्ट है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद जेवर हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर में बनने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। जिससे आने वाले समय में यात्रियों को आने जाने के लिए असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा 
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