आयोजकों ने कहा- जांच हो
भारत जोड़ो आंदोलन की मुहिम चलाने वाले वकील अश्विनी उपाध्याय ने अमर उजाला से कहा कि इस वीडियो के सत्यता की जांच होनी चाहिए। वे इस वीडियो में शामिल लोगों को न ही जानते हैं, न ही पहचानते हैं। उन्हें इस कार्यक्रम में बुलाया भी नहीं गया था। उनके आंदोलन का समय केवल एक घंटे का था। कोविड नियमों का पालन करते हुए एक घंटे के बाद कार्यक्रम का समापन कर दिया गया। इस पूरे समय के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी।
उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि यह वीडियो फर्जी हो सकता है, इसलिए इसकी सत्यता की जांच होनी चाहिए। अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से की है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लेकिन इसकी आड़ में उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि उन पुराने कानूनों का उद्देश्य अंग्रेजों की सरकार के लिए काम करना था, और आजादी के 70 साल में ये कानून समाज से अपराध रोकने में असफल साबित हुए हैं। इसलिए उनकी मांग है कि नये भारत के अनुसार अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई वाले कानून बनने चाहिए जिससे सभी सुरक्षित महसूस करें और देश-समाज विकास कर सके।