देश की प्रमुख टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने अपने कोरोना वायरस रोधी टीके कोवाक्सीन के तीसके चरण के ट्रायल का डाटा डीसीजीआई (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) के पास जमा कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि कंपनी ने यह डाटा सप्ताहांत में जमा किया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, इस बैठक में उत्पाद की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाएगी लेकिन टीका निर्माता के पास टीके की गुणवत्ता को लेकर एक संक्षिप्त विवरण पेश करने का अवसर होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर डब्ल्यूएचओ ईयूएल-पीक्यू मूल्यांकन प्रक्रिया दस्तावेज में कोविड-19 टीकों की स्थिति पर यह जानकारी दी गई है।
भारत बायोटेक ने पिछले महीने कहा था कि उसे अपने टीके कोवाक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए डब्ल्यूएचओ से जुलाई-सितंबर तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश के मुताबिक, आपात इस्तेमाल सूचीबद्ध (ईयूएल) ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत लोक स्वास्थ्य संकट के समय नए या गैर लाइसेंस प्राप्त उत्पादों के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक औषधि के दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में सलाह और मशविरा का अवसर दिया जाता है। आवेदनकर्ता को डब्ल्यूएचओ के मूल्यांकन करने वालों से मुलाकात का भी मौका मिलता है जो कि उस उत्पाद की समीक्षा में शामिल होंगे।