ओकुजेन इंक के अध्यक्ष और सीईओ शंकर मुसुनुरी ने कहा है कि इस स्टडी के सकारात्मक परिणाम कोरोना से लड़ाई में महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने यह भी कहा है कि जब समाज के कुछ लोग एमआरएनए आधारित टीके लेने में हिचकिचाते हैं ऐसे में इस वैक्सीन के रूप में उन्हें एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
कोरोना एक बार फिर अपने पंख फैलाने लगा है। भारत में भी पिछले कुछ दिनों में कोरोना के नए मामलों में तेजी आई है। इस बीच, भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवाक्सिन को लेकर अमेरिका में चल रहे परीक्षण के 2/3 चरण में सकारात्मक नजीते सामने आए हैं। अमेरिका और कनाडा में भारत बायोटेक की साझेदार ओकुजेन इंक ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी है।
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यूएस बायोफार्मास्युटिकल कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि कोवाक्सिन को लेकर किए जा रहे अध्ययन में 419 अमेरिकी वयस्क प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। इन प्रतिभागियों को 28 दिनों के अंतराल पर कोवाक्सिन या प्लेसिबो की दो खुराक दी गई थीं।
ओकुजेन इंक के अध्यक्ष और सीईओ शंकर मुसुनुरी ने कहा है कि इस स्टडी के सकारात्मक परिणाम कोरोना से लड़ाई में महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने यह भी कहा है कि जब समाज के कुछ लोग एमआरएनए आधारित टीके लेने में हिचकिचाते हैं ऐसे में इस वैक्सीन के रूप में उन्हें एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
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गौरतलब है कि भारत बायोटेक द्वारा भारत में तीसरे चरण के परीक्षण में कोवाक्सिन टीका लेने वाले प्रतिभागियों के परिणामों की तुलना अमेरिका में कोवैक्सीन टीका लेने वालों के परिणामों से की गई।