राजस्थान भाजपा की प्रवक्ता पूजा कपिल मिश्रा ने अमर उजाला से कहा कि भजन लाल शर्मा चार बार संगठन के मंत्री रह चुके हैं। वे राज्य में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका अदा कर चुके हैं। संभव है कि केंद्र सरकार ने उन्हें उनके इसी काम का इनाम दिया है। संगठन के एक व्यक्ति को राज्य चलाने की जिम्मेदारी देकर भाजपा ने यह भी साफ कर दिया है कि वह राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में संगठन की भूमिका बढ़ाना चाहती है।
राजस्थान में ब्राह्मणों की आबादी लगभग 18 फ़ीसदी मानी जाती है। वह यहां के प्रभावशाली वर्ग में गिना जाता है। यही कारण है कि भजन लाल शर्मा के रूप में एक मजबूत चेहरे को मौका देकर पार्टी ने इस मजबूत वोट बैंक को मजबूती के साथ अपने साथ जोड़ने का काम किया है। अगले चार महीने के अंदर होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिल सकता है।
विभिन्न राजनीतिक दल लगातार सनातन और ब्राह्मणों पर हमला कर अपनी राजनीति मजबूत कर रहे थे। राजस्थान में भी कुछ नेताओं ने इस समुदाय पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जबकि ब्राह्मण भाजपा का कट्टर समर्थक साबित हुआ है और हर मौके पर वह भाजपा के साथ अटूट होकर खड़ा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राह्मणों को छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में उपमुख्यमंत्री बनाकर और राजस्थान में मुख्यमंत्री का पद देकर उन्हें सम्मानित करने का काम किया है पार्टी को इसका लाभ मिल सकता है।