राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भैया जी) जोशी ने शनिवार को कहा कि हिंदू समाज में जन्म के संदर्भ में श्रेष्ठता की बात करना सही नहीं है। मंगलूरू में विहिप केंद्रीय प्रबंध कमेटी और न्यासी मंडल की बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे जोशी ने समरसतापूर्ण समाज का निर्माण करने का आह्वान किया।
बैठक के दूसरे दिन जोशी ने कहा, दृष्टिकोण में बदलाव के चलते आज समाज में लोगों के मूल्य खत्म हो रहे हैं और मातृभूमि के प्रति उदासीनता का भाव है। ऐसे में हिंदुओं को सशक्त, सुसंस्कृत और जागृत होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि हिंदुओं को सदाचारी, स्वाभिमानी और वैज्ञानिक सोच से भरा होना चाहिए।
आज ऐसे सक्रिय हिंदुओं की जरूरत है कि जो बेदाग संगठित शक्ति निर्माण के लिए विश्व का नेतृत्व कर सकें। जोशी ने कहा, हिंदू समाज में जन्म के संदर्भ में श्रेष्ठता की बात नहीं होनी चाहिए क्योंकि व्यक्ति कर्म से महान बनता है। उन्होंने कहा, श्री राम जन्मभूमि का मुद्दा हमारे लिए आत्म सम्मान का मामला है।
विहिप ने लिया स्वावलंबी भारत निर्माण का संकल्प
बैठक के दूसरे दिन विश्व हिंदू परिषद ने एक मजबूत एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण का संकल्प लिया। देश में बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों में बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही अभिभावकों, शिक्षाविदों, संतों, सामाजिक संगठनों, मीडिया और मनोरंजन जगत को ऐसे अपराधों को रोकने तथा महिला सुरक्षा के प्रति रुख में बदलाव के लिए एक अभियान चालने की अपील की गई।
पारिवारिक भावना बढ़ाएंगे
विहिप ने कहा कि वह ‘परिवार बंधन’ कार्यक्रमों के जरिये हिंदू समाज में पारिवारिक भावना और सद्भाव विकसित करने के कार्य में तेजी लाएगी। इसमें कहा गया कि दुर्गा वाहिनी महिलाओं की आत्मरक्षा के लिए देशभर में अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तेजी लाएगी जबकि बजरंग दल युवाओं को महिलाओं से अच्छा व्यवहार करने और उनके खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए प्रोत्साहित करेगा।