बंगलूरू में 21 जनवरी से लापता एक 12 वर्षीय लड़का रविवार को हैदराबाद के मेट्रो स्टेशन पर पाया गया। लड़का व्हाइटफील्ड में कोचिंग सेंटर से निकलने के बाद अपने घर वापस नहीं लौटा। पिछले तीन दिनों से पुलिस उसे ट्रैक करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लड़का पुलिस की नजरों से निकलने में कामयाब रहा। पुलिस जब भी उन स्थानों पर जाती जहां उसे आखिरी बार देखा गया था, लड़का पुलिस के पहुंचने से पहले ही दूसरे स्थान के लिए निकल जाता था।
बंगलूरू से हैदराबाद पहुंचा 12 वर्षीय लड़का
डीन्स अकादमी का छात्र परिनव को 11 बजे कोचिंग सेंटर से बाहर जाते हुए देखा गया था। दोपहर के तीन बजे के करीब उसे येमलूर के पास पेट्रोल पंप पर देखा गया था। उसे आखिरी बार शाम में बंगलूरू के मजेस्टिक बस टर्मिनस पर देखा गया था। बंगलूरू से वह पहले मैसूरु और फिर चेन्नई के रास्ते से हैदराबाद पहुंचा। उसके पास 100 रुपये थे, और गुजारे के लिए उसने कुछ पार्कर पेन को 100-100 रुपये में भी बेचा। एक फुटेज में उसे ग्राहकों को पेन बेचते हुए भी देखा गया था।
इस दौरान परिनव के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के जरिए बच्चे को ढूंढने का अभियान शुरू किया। इस दौरान कुछ लोग बच्चे को ढूंढने के लिए मैजेस्टिक भी गए। लड़के की मां ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह अपने बेटे से वापस आने की अपील कर रही थी। लड़के का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस दौरान एक यात्री ने हैदराबाद मेट्रो स्टेशन पर लड़के की पहचान की। लड़के ने अपनी पहचान की पुष्टि की, जिसके बाद उसे बुधवार को नामपल्ली मेट्रो स्टेशन पर रोक लिया गया।
लड़के के माता-पिता ने लोगों का किया धन्यवाद
लड़के के माता-पिता को इसके बारे में सूचित किया गया है और वे हदराबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। बता दें कि बंगलूरू और हैदराबाद दोनों मेट्रो शहरों के बीच की दूरी 570 किमी है और लड़का पिछले तीन रातों से लापता था। इस घटना पर परिनव के पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि वह हैदराबाद कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा, 'मैं उस अंजान शख्स का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरे बेटे की पहचान की।' इस दौरान लड़के की मां ने एक दूसरा पोस्ट शेयर करते हुए लोगों का धन्यवाद किया है।