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बंगाल हिंसा: ममता बनर्जी को एक और झटका, हाईकोर्ट ने मानव अधिकार आयोग की रिपोर्ट को बताया दुरुस्त

Fri, 20 Aug 2021 03:23 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कलकत्ता

सार


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा मामले में ममता सरकार को राहत नहीं मिल रही है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अब मानव अधिकार आयोग की पांच सदस्यों वाली समिति की रिपोर्ट को दुरुस्त बताया है। 
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ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में हुई हिंसा पर ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पहले तो कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति दी और अब कोर्ट ने मानव अधिकार आयोग की समिति की रिपेार्ट को दुरुस्त बताया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति आईपी मुखर्जी का कहना है कि मानव अधिकार आयोग की समिति के दुराग्रह से ग्रसित होने के आरोप में कोई दम नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जो सिफारिशे की हैं, उन पर विचार किया गया और वकीलों की दलीलों को भी सुना गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समिति के पास जांच करने व तथ्यों को पेश करने का पूरा अधिकार था। क्योंकि, इसका आदेश उन्हें पांच जजों वाली पीठ ने दिया था। 

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तीन वरिष्ठ आईपीएस करेंगे जांच 
हाईकोर्ट की पांच जजों वाली पीठ ने दुष्कर्म, दुष्कर्म की कोशिश, हत्या जैसे अपराधों की सीबीआई जांच तथा बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के अन्य मामलों की जांच के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठन के भी आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवाद दायर 
विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में हुई कथित हिंसा की जांच सीबीआई से कराने के फैसले के विरोध में याचिकाकर्ता वकील अनिंद्य सुंदर दास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मैंने यह प्रतिवाद इसलिए दायर किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता मुझे सुने बिना कोई भी निर्णय मेरे खिलाफ पारित किया जाए। 
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लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं 
उधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर कहा कि हिंसा लोकतंत्र के खिलाफ है। इसकी लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। हमारी संस्कृति में हिंसा कोई स्थान नहीं रखती है। 
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