पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ के कड़े व चिंताजनक रुख को लेकर सत्तारूढ़ टीएमसी ने उन पर आरोप लगाया है। मंगलवार को जारी बयान में टीएमसी ने कहा कि राज्यपाल धनखड़ ऐसा बताने का प्रयास कर रहे हैं कि राज्य में इस्राइल व फलस्तीन में युद्ध जैसे हालात हों।
सुवेंदु अधिकारी व भाजपा नेताओं ने दिया था ज्ञापन
बता दें, बीते दिन भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ करीब 50 नेताओं ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और राज्य के हालात को लेकर ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल धनखड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ कोलकाता में राजभवन में मुलाकात की और बंगाल में हो रही कई अनुचित घटनाओं से अवगत कराया और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर बात की।
राज्यपाल ने हाथ जोड़कर कहा था-खून से लथपथ बंगाल नहीं चाहिए
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भाजपा के प्रतिनिधि मंडल से कहा था, 'मैं हाथ जोड़कर सभी से अपील करना चाहता हूं कि हमें खून से लथपथ बंगाल नहीं चाहिए। इस धरती पर हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था कि जहां मन भय से मुक्त हो और मस्तक सम्मान से उठा हो। मैं जानता हूं कि यहां किसी का भी मन भय से मुक्त नहीं है।'
उन्होंने कहा कि भय इतना अधिक है कि लोकतंत्र अंतिम सांस ले रहा है। मैं सरकारी अधिकारियों और मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि लोकतंत्र पनपे यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री आवश्यक कदम उठाएंगी और सरकार सकारात्मक रुख अपनाएंगी। हम बंगाल में आग नहीं लगने दे सकते। राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि राज्य का सांवैधानिक प्रमुख होने के नाते, मैं यह स्पष्ट कर दूं कि बंगाल में दल-बदल विरोधी कानून पूरी तरह से लागू है। यह देश के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी लागू है।