'वैक्सीन मैन' के नाम से मशहूर और पेशे से चिकित्सक दीपांकर मजूमदार उपलब्ध कोविड-19 टीकों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश करने के लिए अपनी मोटरसाइकिल से घर-घर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैंने धुबरी को कोरोना वायरस महामारी से मुक्त करने का संकल्प लिया है। खबरों की मानें तो यहां कई लोग टीका लगवाने से हिचकिचा रहे हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मजूमदार ने कहा कि मैं अब तक 80 लोगों को पास के टीकाकरण केंद्रों पर जाने के लिए राजी कर चुका हूं। उन्होंने कहा, 'कुछ ऐसे लोग हैं जिनके पास अपना स्मार्टफोन नहीं है और वे टीकाकरण प्रक्रिया की बारीकियों से अनजान हैं। उनमें से कई या तो जागरूकता के अभाव में या दुष्प्रचार के चलते टीका लेने से डर रहे हैं।'
फिलहाल मजूमदार का जोर दिहाड़ी मजदूरों, खासकर महिलाओं एवं बुजुर्गों पर है क्योंकि वे सबसे अधिक जोखिम की संभावना वाले वर्गों से हैं जो संक्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'शुरू में तो, ऐसे लोगों को परामर्श देना बहुत बड़ी चुनौती थी जो खुराक लेने के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि कोरोना टीके के प्रभाव को लेकर बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही थीं।
उन्होंने कहा, 'लेकिन वे अब इस अभियान की गंभीरता समझ गए हैं।' मजूमदार की निस्वार्थ सेवा की लोग व जिले के अधिकारी प्रशंसा कर रहे हैं। उनकी तारीफ करते हुए धुबरी के अतिरिक्त उपायुक्त ध्रुबज्योति दास ने कहा कि उन्हें प्रशासन के साथ समन्वय बनाना चाहिए और इस पहल की अधिकतम सफलता के लिए प्रासंगिक आंकड़े एकत्र करना चाहिए।