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तृणमूल को बड़ा झटका: दो और सांसदों का इस्तीफा, राज्यसभा MP प्रकाश और कोयल ने दिया त्यागपत्र; अब तक कितने?

Thu, 11 Jun 2026 11:04 AM IST
Jyoti Bhaskar एएनआई, नई दिल्ली।

सार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अपना इस्तीफा सौंपने के लिए जल्द ही राज्यसभा के सभापति से मुलाकात करेंगे। अब तक चार तृणमूल सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। जानिए अपडेट्स
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पूर्व राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक (फाइल) - फोटो : X @AITCofficial
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। पार्टी के दो और सांसदों प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोड़ दी। चार दिन में राज्यसभा के चार सांसदों के इस्तीफे से उच्च सदन में तृणमूल की संख्या घटकर नौ रह गई है। सूत्रों का दावा है कि उच्च सदन के पांच अन्य सदस्य भी भाजपा के संपर्क में हैं।
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राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को बराइक ने बृहस्पतिवार सुबह इस्तीफा सौंपा। बाद में, उन्होंने कहा- बंगाल की जनता ने भाजपा को जनादेश दिया है। तृणमूल को नकार दिया। जनादेश का सम्मान करते हुए मैंने पार्टी व राज्यसभा छोड़ दी। सभापति ने इस्तीफा मंजूर भी कर लिया। कुछ ही घंटों बाद, कोयल ने भी  इस्तीफा दे दिया। अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल को ममता ने इसी साल अप्रैल में संसद भेजा था। जानकारी के मुताबिक, कोयल ने इस्तीफा ईमेल के जरिये भेजा। तृणमूल छोड़ने वाले चारों सांसद भाजपा का दामन थामेंगे और उपचुनाव में प्रत्याशी बनेंगे।  

 
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कितने सांसद दे चुके हैं इस्तीफा?
अब तक कुल चार सांसद टीएमसी छोड़ चुके हैं। खबरों में किए जा रहे अपुष्ट दावों के मुताबिक करीब 20 सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़ने का मन बना चुके हैं। बंगाल में कई विधायक भी ऋतब्रत बनर्जी को नेता मानते हुए ममता बनर्जी का खेमा छोड़ने के संकेत दे चुके हैं।

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तृणमूल में दरार से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- तृणमूल से अब तक किन नेताओं का मोहभंग हुआ?
बराइक और कोयल मल्लिक से पहले सुखेंदु शेखर रॉय और बंगाल से निर्वाचित महिला सांसद सुष्मिता देव ने भी सांसदी छोड़ दी है। सुखेंदु शेखर ने पद छोड़ने के बाद तृणमूल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि उन्होंने आरजी कर अस्पताल में हुए दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद ही पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। दूसरी तरफ सुष्मिता देव ने पार्टी छोड़ने के बाद अपने गृह राज्य असम की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
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