तृणमूल कांग्रेस के नेता ब्रत्य बसु
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पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु जान-बूझकर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को इस बारे में जानकारी दी है। राज्यपाल का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने हाल ही में गौर बंगा विश्वविद्यालय में राजनेताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कि इस तरह शिक्षा मंत्री ने जान-बूझकर चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। राज्यपाल ने प्रदेश सरकार से ब्रत्य बसु को मंत्रिमंडल से हटाने के लिए कहा है।
‘विश्वविद्यालय प्रणाली को बदनाम कर रहे शिक्षा मंत्री’
बता दें कि सीवी आनंद बोस पश्चिम बंगाल में सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के चांसलर भी हैं। उन्होंने कहा कि बसु ने यह काम कर विश्वविद्यालय प्रणाली को बदनाम किया है। इससे पहले बसु पर आरोप लगा था कि शिक्षा मंत्री द्वारा राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच के रिश्ते खराब करने की कोशिश की जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री का बहुत सम्मान करते हैं।
राजभवन द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट
राजभवन द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की गई। जिसमें लिखा गया कि शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने राज्यपाल को उन्मादी और अल्जाइमर से पीड़ित बताया। यह पोस्ट ऐसे समय में किया था, जब राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों के तौर पर नियुक्ति के लिए मंत्री के सुझाए सभी चार नाम स्वीकार कर लिए थे। पोस्ट में कहा गया है कि बसु के आरोप राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच संबंध खराब करने की कोशिश की तरह है। बसु ने राज्यपाल पर राज्य विश्वविद्यालयों के कामकाज के संबंध में असंगत कदम उठाने का भी आरोप लगाया था।