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| पार्टियों के नाम | सीटें (अनुमानित) |
|---|---|
| तृणमूल कांग्रेस+ | 170 – 190 |
| भाजपा | 120 – 130 |
| कांग्रेस | 1 – 4 |
| सीपीएम | 0 – 2 |
| अन्य | 1 – 5 |
| पार्टियों के नाम | सीटें (अनुमानित) |
|---|---|
| तृणमूल कांग्रेस+ | 175 – 205 |
| भाजपा | 80 – 105 |
| अन्य | 0 – 5 |
| पार्टियों के नाम | सीटें (अनुमानित) |
|---|---|
| तृणमूल कांग्रेस+ | 177 – 187 |
| भाजपा | 95 – 110 |
| अन्य | 1 – 4 |
एसएएस सर्वे एजेंसी क्या है?
दक्षिण भारत के कुछ लोगों ने हैदराबाद में इसकी शुरुआत की। श्री आत्मा साक्षी ग्रुप (SAS) में शामिल लोग राजनीतिक सर्वेक्षणों के अलावा चुनावी विश्लेषण, एग्जिट पोल और रणनीतिक परामर्श जैसे काम भी करती है। इसका नेतृत्व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से डिग्री हासिल करने वाले पेशेवर करते हैं। पूरे भारत में जमीनी सर्वेक्षण का दावा करने वाली इस एजेंसी के पास 1,000 से अधिक प्रशिक्षित लोगों की टीम है।
अगर सीटों की बात करें तो सर्वे में 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 192 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया है। सर्वेक्षण के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि राज्य में हुए रिकॉर्डतोड़ 93% मतदान ने परिवर्तन की ऐसी लहर पैदा की, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस महज 100 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।
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