बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बताया कि राज्य शिक्षा मंत्री ने उन्हें विचित्र और अल्जाइमर से पीड़ित बताया है। उन्होंने कहा कि मंत्री एचजी और एचसीएम के बीच के रिश्ते को खराब कर रहे हैं।
राज्य संचालित विश्वविद्यालयों में परिचालन संबंधी गड़बड़ी को लेकर पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को विचित्र बताया था। शिक्षा मंत्री के इस टिप्पणी के एक दिन बाद राज्यपाल ने प्रतिक्रिया दी है। आनंद बोस ने कहा कि ऐसी टिप्पणी तब आई, जब उन्होंने मंत्री द्वारा प्रस्तावित अंतरिम कुलपतियों के नामों का पहले ही समर्थन कर दिया था।
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राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि ब्रत्य बसु का आरोप उनके (राज्यपाल) और मुख्यमंत्री के बीच के रिश्ते को खराब करने की कोशिश है। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "ब्रत्य बसु ने मुझे विचित्र बताया और कहा कि मैं अल्जाइमर से पीड़ित हूं। यह ऐसे समय में है, जब एचजी ने एचसीएम के इच्छानुसार मंत्री द्वारा बताए अंतरिम कुलपतियों के लिए चार नामों को स्वीकार कर लिया था।"
एचजी को ऐसा लगता है कि मंत्री एचजी और एचसीएम के बीच के रिश्ते को खराब कर रहे हैं। एचजी, एचसीएम का सम्मान करते हैं। शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल पर राज्य विश्वविद्यालयों के कामकाज के संबंध में तर्कहीन और असंगत कदम उठाने का भी आरोप लगाया है।
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इसपर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद बोस ने बुधवार की रात एक बयान जारी कर कहा कि सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ इन संस्थानों की स्वयत्तत्ता की रक्षा करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति जो विश्वविद्यालय के प्रमुख हैं, के पास अतिरिक्त अधिकारियों को शामिल किए बिना वीसी के साथ सीधा संपर्क करने का अधिकार है। यही अधिकार वीसी के पास भी है।