अमेठी और रायबरेली छोड़ पहली बार गांव-गांव प्रियंका की दस्तक
उत्तर प्रदेश में बीते विधानसभा चुनावों पर अगर नजर डालें तो पाएंगे कि यह पहला मौका है जब कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली को छोड़कर उत्तर प्रदेश के गांव-गाव तक अपनी दस्तक दे रही हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुकेश सिंह चौहान का कहना है ये अलग बात है कि कोरोना के दौर में लगे लॉकडाउन और कोविड प्रोटोकॉल के चलते सीधे तौर पर लोगों से मिलना नहीं हो पा रहा है, लेकिन प्रियंका गांधी का संदेश और उनकी लिखी हुई चिट्ठी ब्लॉक अध्यक्ष के माध्यम से गांव-गांव में लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
मुकेश कहते हैं कि प्रियंका गांधी की सक्रियता से उत्तर प्रदेश में इस बार चुनाव के परिणाम बिल्कुल अलग होंगे। हालांकि यह बात अलग है कि प्रियंका गांधी की सक्रियता के अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जबरदस्त अंदरूनी फूट भी पड़ी हुई है, जो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बहुत नुकसान भी करेगी। उत्तर प्रदेश कार्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि अगर समय रहते इस आपसी तनातनी को दूर नहीं किया गया तो प्रियंका गांधी की सक्रियता भी किसी तरह से उत्तर प्रदेश में उनको वह स्थान नहीं दिला सकती जिसके लिए इतनी मेहनत की जा रही है।