संयुक्त राष्ट्र ने 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस पर प्रकृति संरक्षण का संदेश देने के लिए प्रकृति को कलाकार घोषित किया है। इसके अलावा दुनियाभर के उन गीतकार व संगीतकारों की रचनाओं को अपनी पहल साउंड्स राइट का हिस्सा बनाया है, जिनमें प्रकृति की ध्वनियों का इस्तेमाल किया गया है। भारत की तरफ से संगीतकार अनुव जैन की रचना 'बारिशें' का इस्तेमाल इस महत्वपूर्ण पहल में किया गया है।
बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र संग्रहालय की तरफ से प्रकृति (नेचर) को बतौर कलाकार मानते हुए तमाम कलाकारों की रचनाओं को पेश किया गया। साउंड्स राइट पहल के तहत ये सभी कलाकार अपनी रचनाओं में प्रकृति की आवाजों का इस्तेमाल करेंगे और अपनी रचनाओं में प्रकृति को कलाकार के तौर पर पहचान देंगे। इसमें ब्रायन एनो का डेविड बॉवी सहयोग गेट रियल है, जिसमें लकड़बग्घे, किश्ती और जंगली सूअरों की आवाजें इस्तेमाल की गई हैं।
कॉस्मो शेल्ड्रेक की रचना सोइल इसका हिस्सा है, तो भूमिगत पारिस्थितिक तंत्र की शक्तिशाली परिवर्तनकारी और उत्पादक क्षमताओं को श्रद्धांजलि है। ध्वनिक पारिस्थितिकी विज्ञानी मार्टिन स्टीवर्ट के साथ लुई सिक्स की रचना ऑरेंज स्काइज में बोर्नियो वर्षावन की ध्वनियों का इस्तेमाल किया गया है। इस पहल का लक्ष्य इन कलाकारों के प्रशंसकों को प्रकृति संरक्षण से सक्रिय रूप से जोड़ने, धन जुटाने और प्रकृति को महत्व देना है।
आकाश, वर्षा, पेड़ से प्रेरित है अनुव की संगीत रचना
अनुव जैन की हिंदी रचना बारिशें असल में एक बहुभाषी प्लेलिस्ट का हिस्सा है, जो कोलंबिया, नॉर्वे, वेनेजुएला, केन्या, डेनमार्क, अमेरिका, ब्रिटेन और इंडोनेशिया से प्रकृति की आवाज को एक साथ लाने वाले कलाकारों से बनी है। उनके संगीत का बड़ा हिस्सा आस-पास की चीजों से प्रेरित है, जैसे आकाश, बारिश, पेड़। अनुव को अपने काम पर गर्व है।
अनुव ने कहा कि वे साउंड्स राइट पहल एक तरह से प्रकृति को कुछ लौटाने का अवसर है। जैन की रचना बारिश के अलावा प्लेलिस्ट में एली गोल्डिंग का ब्राइटेस्ट ब्लू - नेचर रीमिक्स भी शामिल है, जिसमें कोलंबिया के वर्षावनों की ध्वनियों का उपयोग है।