एक विदेशी न्यायाधिकरण की ओर से बांग्लादेशी घोषित एक सरकारी स्कूल शिक्षक को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के काम से हटा दिया गया है। यह घटना राज्य के मोरीगांव जिले की है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यहां इसकी जानकारी दी।
मोरीगांव के उपायुक्त हेमेन दास ने एक बयान में कहा कि वह सरकारी शिक्षक एनआरसी को अपडेट करने की कवायद में मदद कर रहा था। लेकिन उसे किसी आवेदक का नाम शामिल करने या बाहर रखने के बारे में फैसला करने का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि मोरीगांव में एक विदेशी न्यायाधिकरण ने उसे बांग्लादेशी घोषित कर दिया है।
लेकिन उसका मामला गौहाटी हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। विभिन्न संगठनों ने इस बात पर चिंता जताई है कि विदेशी घोषित शिक्षक को एनआरसी अपडेट करने की कवायद में कैसे लगाया गया था। ध्यान रहे कि इस काम में शिक्षकों समेत 40 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को लगाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि उस शिक्षक विदेशी न्यायाधिकरण ने उस शिक्षक को बीते साल ही बांग्लादेशी घोषित कर दिया था। इस मामले का पता चलने के बाद जिला प्रशासन ने उसे एनआरसी के काम से हटा दिया है।