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सख्ती: फर्जी, भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया हैंडल पर रोक, खातों के संचालकों की पहचान कर होगी कार्रवाई

Sat, 08 Jan 2022 10:18 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूत्रों ने कहा कि जिस आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की गई है वह कैबिनेट की एक ब्रीफिंग के फर्जी वीडियो से संबंधित है। सोशल मीडिया हैंडल पर डाले गए इस फर्जी वीडियो में प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसक विषयवस्तु और हिंदू महिलाओं के लिए अपमानजनक बयान दर्शाए गए हैं। 
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social media ban
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विस्तार
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सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि सरकार ने सोशल मीडिया के ऐसे कई खातों पर रोक लगाई गई है जिन्होंने ट्विटर, यूट्यूब और फेसबुक पर ‘फर्जी व भड़काऊ’ सामग्री डाली थी। चंद्रशेखर ने कहा कि इन खातों के संचालकों की पहचान की जा रही है और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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नफरत भरी पोस्ट पर व्यापक कार्रवाई के बीच सूत्रों ने कहा कि जिस आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की गई है वह कैबिनेट की एक ब्रीफिंग के फर्जी वीडियो से संबंधित है। सोशल मीडिया हैंडल पर डाले गए इस फर्जी वीडियो में प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसक विषयवस्तु और हिंदू महिलाओं के लिए अपमानजनक बयान दर्शाए गए हैं। 

चंद्रशेखर ने शनिवार को ट्वीट किया, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सुरक्षित और विश्वसनीय इंटरनेट के लिए कार्यबल काम कर रहा है। चंद्रशेखर ने शुक्रवार को एक ट्वीट का जवाब दिया, जिसमें उनसे अनुरोध किया गया था कि ‘प्रधानमंत्री को दर्शाने वाले हिंसक वीडियो के निर्माताओं’ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सूत्रों के अनुसार सरकार ने 73 ट्विटर हैंडल, 4 यूड्यूब कंटेंट, एक इंस्टाग्राम गेम को हटा दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक केस दर्ज किया था।

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