फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Air Strike Anniversary: जब तड़के 3.30 बजे एयरस्ट्राइक से थर्राया था पीओके

Wed, 26 Feb 2020 03:55 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
बालाकोट एयरस्ट्राइक - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर पुलवामा हमले का भारत ने पाकिस्तान से 26 फरवरी 2019 के ही दिन तड़के 3.30 बजे बदला लिया था। गर्जना के साथ पीओके के अंदर घुसे भारतीय लड़ाकू विमानों के हमले से यह इलाका थर्रा उठा था। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने बालाकोट में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इससे ठीक 12 दिन पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 40 जवान शहीद हो गए थे।

विज्ञापन


भारत ने 12 मिराज विमान भेजकर लिया था बदला
पुलवामा में शहीद हुए भारत के 40 जवानों की शहादत का बदला 12 मिराज लड़ाकू विमानों ने लिया था। भारतीय वायुसेना के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि 26 फरवरी के तड़के भारतीय लड़ाकू विमान मिराज 2000 के एक समूह ने एसओसी पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंप पर बमबारी की और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। आतंकी कैंप पर 1000 किलो के बम गिराए गए। इस अभियान में 12 मिराज विमानों ने हिस्सा लिया।

कब और कैसे हुआ था पुलवामा हमला

26 फरवरी को भारत की ओर से बालाकोट में की गई एयरस्ट्राइक से ठीक 12 दिन पहले 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 40 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जिसके बाद से ही भारत में पाकिस्तान से बदला लेने की मांग तेज हो गई थी।




वायुसेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने
  • भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने तब बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि पुख्ता खुफिया सूचना के बाद भारत ने जैश के ठिकानों पर असैनिक कार्रवाई की है। भारत का हमला करना जरूरी हो गया था। हमने बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया, जिसमें कई बड़े आतंकी, सीनियर कमांडर और जेहादी मारे गए हैं। 
  • वहीं समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय वायुसेना के सूत्रों के हवाले से बताया था कि 26 फरवरी की तड़के भारतीय लड़ाकू विमान मिराज 2000 के एक समूह ने एलओसी पारकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंप पर बमबारी की और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

पाकिस्तान नहीं दे पाया था जवाब

  • सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि वायुसेना के विमान ने आतंकी कैंप पर एक हजार किलोग्राम के बम गिराए थे। पाकिस्तान के एफ16 विमान ने भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 को जवाबी कार्रवाई देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय फॉर्मेशन के आकार के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। इस अभियान को वेस्टर्न एयर कमांड ने अंजाम दिया था।
  • वायुसेना के मिराज ने जिस लक्ष्य को नष्ट किया उनमें से एक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का क्षेत्र भी शामिल था। वायुसेना ने इस अभियान के लिए लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया। जिन एयरबोर्न अर्ली वार्निंग विमानों का इस्तेमाल इस अभियान में किया गया उन्हें इजरायल से खरीदा गया था। तीन दिन पहले से हिंडन एयरबेस पर इस तरह के विमानों को अलर्ट पर रखा गया।

पाक ने उलटा आरोप लगाया

  • सीमा पर तनाव के मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने अपने सभी अतंरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर स्थित एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा था।
  • वहीं पाकिस्तानी सेना के डीजी आईएसपीआर आसिफ गफूर ने आरोप लगाया था कि भारतीय वायुसेना का विमान एलओसी पार करके पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुस आया था। जिसका पाकिस्तानी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया और वायुसेना को वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन

गफूर के ट्वीट का पाकिस्तानी सेना ने दिया जवाब

  • अपने पहले ट्वीट में गफूर ने लिखा था कि भारतीय वायुसेना ने एलओसी का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने तुरंत उसका जवाब दिया। भारतीय विमान वापस लौटे। इसके बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई जा रही है।
  • इसके बाद अपने दूसरे ट्वीट में गफूर ने लिखा कि भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद इलाके से घुसपैठ की। पाकिस्तानी वायुसेना ने समय पर और प्रभावी कार्रवाई की जिसके कारण भारतीय वायुसेना वापस लौट गई। किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही कोई हताहत हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें