काशवी से 12 साल पहले वनडे क्रिकेट में दस विकेट लेने का रिकॉर्ड नेपाल के महबूब आलम ने बनाया था। उन्होंने 2008 में नेपाल की ओर से खेलते हुए मोजाम्बिक के खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड डिविजन मैच में 7.5 ओवर में 12 रन देकर सभी विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन से मोजाम्बिक की टीम 19 रन पर सिमट गई थी। उसने नौ बल्लेबाज शून्य पर आउट हो गए थे और नेपाल ने यह मैच 264 रन से जीता था। उसने सात विकेट पर 283 रन बनाए थे। आलम के इस प्रदर्शन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था।
मीडियम पेसर गौतम के सामने अरुणाचल की आठ खिलाड़ी तो खाता भी नहीं खोल पाईं। इनमें से चार पहली ही गेंद पर चलती बनीं। मेजबान टीम के लिए इतिका त्यागी (10) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाई। त्यागी के अलावा ओपनर नबाम मार्था (04) और नबाम पारा (03) ही रन बना पाईं। आठ रन अतिरिक्त के रहे। इससे अरुणाचल प्रदेश की टीम नौ ओवर में मात्र 25 रन पर ही ढेर हो गई। गौतम ने अपने पहले ही ओवर में दो और दूसरे ओवर में अंतिम तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लेकर हैट्रिक लगाई।
इससे पहले गौतम ने 68 गेंदों में 49 रन की पारी खेली जिससे चंडीगढ़ ने चार विकेट पर 186 रन का स्कोर बनाया। चंडीगढ़ ने यह मैच रिकॉर्ड 161 रन से जीता।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो खिलाड़ियों ने ही झटके हैं दस विकेट
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ दो खिलाड़ियों ने ही एक मैच की पारी में दस विकेट लेने का करिश्माई प्रदर्शन किया है। वह भी टेस्ट में। सबसे पहले इंग्लैंड के स्पिनर जिम लेकर ने 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट की एक पारी में दस विकेट झटके थे। जिम लेकर के 43 साल बाद दिग्गज भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने 1999 में नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में ऐसा किया था।
इनके नाम भी है परफेक्ट टेन
देवाशीष मोहंती ने 2001 में दक्षिण क्षेत्र की और से खेलते हुए पूर्वी क्षेत्र मैच में और रैक्स सिंह ने 2019 रणजी ट्रॉफी मैच में मणिपुर से खेलते हुए मिरोजम के खिलाफ दस विकेट विकेट झटके थे।