फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑस्ट्रेलिया के पीएम दावा: भारत और जापान ने किया ऑकस समझौते का स्वागत, मिलकर करेंगे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में काम

Thu, 30 Sep 2021 06:24 PM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मॉरीसन ने क्वाड को लेकर कहा कि क्वाड सिर्फ कोई एक गठबंधन नहींं है। भारत, ऑस्ट्रलिया, अमेरिका और जापान का यह गठजोड़ बड़े लोकतांत्रिक देशों और अर्थव्यवस्थाओं का एक आपसी रिश्ता है जो हिंद प्रशांत क्षेत्र में बड़ी चुनौतियों से निबटेगा।
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन का दावा - भारत और जापान ने किया ऑकस समझौते का स्वागत। - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन ने एक ऑनलाईन प्रेस वार्ता में ऑकस समझौते को लेकर कहा है कि भारत और जापान दोनों ने इस समझौते का समर्थन किया है। दोनों देश इस समझौते की जरूरत और अहमियत को समझते हैं और यह जानते हैं कि इस समझौते का असल मकसद क्या है।
विज्ञापन

मॉरीसन ने क्वाड को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि क्वाड सिर्फ कोई एक गठबंधन मात्र नहीं है, भारत, ऑस्ट्रलिया, अमेरिका और जापान का यह गठजोड़ बड़े लोकतांत्रिक देशों और अर्थव्यवस्थाओं का एक आपसी रिश्ता है जो हिंद प्रशांत क्षेत्र में बड़ी चुनौतियों से निबटेगा।

चीन को लेकर भी बोेलें
इस सवाल पर कि ऑस्ट्रेलिया भारत और चीन के साथ समन्वय कैसे बैठाएगा। इस पर मॉरीसन  ने कहा कि उन्हें नहीं लगता की इस मामले में भारत और ऑस्ट्रेलिया को चीन के साथ कोई जरूरी समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है । क्वाड का मुख्य उद्देश्य एक मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाएं रखना है। जो भी देश इसमें अपना सहयोग देना चाहता है चोहे वो चीन ही क्यों न हो हम उसका स्वागत करतें हैं।
विज्ञापन


बता दें कि चीन ने हाल ही  में हुए क्वाड सम्मेलन पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह गठबंधन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है।

6 दिन पहले हुई थी क्वाड के राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात
ऑस्ट्रेलिया के पीएम 6 दिनों पहले ही अमेरिका में हुई क्वाड सम्मेलन से लौटे हैं जहां उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और जापान के तत्कालिन पीएम योशीहिदे शुआ से मुलाकात की थी। मॉरीसन ने आगे कहा कि वो क्षेत्र में ऐसे किसी भी कदम का विरोध करते हैं जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और क्षेत्र के अन्य देशों की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करे।

उन्होने कहा कि ऑकस को लेकर क्वाड के सदस्यों ने अपना समर्थन दिया है। इस गठबंधन का ऐलान हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने किया था। इस गठबंधन के तहत ऑस्ट्रेलिया अमेरिका  और ब्रिटेन के साथ मिलकर परमाणु पनडुब्बियों का निर्माण करेगा, जिससे क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने में मदद मिले।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले इन परमाणु पनडुब्बियों के निर्माण का सौदा फ्रांस के साथ किया था और बाद में इसे रद्द कर दिया। इस घटना को फ्रांस ने पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया था और जवाब में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था।

भारत से रिश्तें मजबूत होंगें
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का सबसे जरूरी मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और यूरोप से ज्यादा से ज्यादा आर्थिक हित लेने का है। उन्होने कहा कि क्वाड नई तकनीकों विशेष कर के रेयर अर्थ मटेरियल के लिए मिलकर काम कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में इन खनिजों का होना और भारत का शक्तिशाली विनिर्माण क्षेत्र, दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाएंगे। जब हम इन्हें अमेरिका और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ जोड़ देंगे तो हमें सप्लाई चेन के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी प्राप्त कर सकते हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें