एमिटी यूनिवर्सिटी ने सबसे ज्यादा अंक हासिल कर क्विज जीता।
- फोटो : Amar Ujala
जलवायु परिवर्तन और उसका बच्चों पर असर
कार्यशाला के पहले दिन अलग-अलग विश्वविद्यालयों से आए करीब 50 छात्र-छात्राओं ने डिजिटल-मोबाइल पत्रकारिता के गुर सीखे थे। इसी आधार पर उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण तैयार किए। सबसे पहले शारदा यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक समूह ने पॉडकास्ट प्रस्तुत करते हुए जलवायु परिवर्तन और बच्चों पर उसके असर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसे हालात होने पर जब लोग पलायन करते हैं तो बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता में करियर बनाने पर वे मोबाइल जर्नलिज्म और सोशल मीडिया के जरिए इन मुद्दों पर जागरुक फैलाने का काम करेंगे।
बच्चों के टीकाकरण में मिली सफलता
कोविड-19 टीकाकरण के बारे में प्रस्तुतीकरण देते हुए एक समूह ने कहा कि शुरुआत में कोरोना के टीके की कमी थी। हमने कोरोना का वह दौर भी झेला, जब हमारे पास टीका नहीं था। जब टीका आया तो लोगों में भय और भ्रांति थी। वे टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे थे। हालांकि, जब बच्चों की बारी आई तो जागरुकता की कोशिशें सफल हो गईं और टीके को लेकर डर खत्म हो गया। कई स्कूलों में सौ फीसदी टीकाकरण हुआ।
बच्चों के लिए पर्यावरण के विषय पर प्रश्न मंच रखा गया।
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पराली जलाने की समस्या से निपटने के क्या हैं उपाय?
बाकी बच्चों के समूहों ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि जलवायु परिवर्तन की वजह से महिलाओं और उनके स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। एक समूह ने पराली को जलाने की समस्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु गुणवत्ता खराब होती है। दिल्ली-एनसीआर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। पराली खेत के लिए खाद का भी काम कर सकती है। रिवर्सिबल हल जैसे उपकरणों से पराली को खाद बनाने में मदद मिल सकती है। पूसा संस्थान की डिकम्पोजर कैप्सूल छिड़ककर भी पराली को खाद बनाया जा सकता है। एक और समूह ने पानी के संकट और स्कूलों में बच्चों को हाथ धोने की अहमियत बताने पर जोर दिया। पराली की समस्या को रेखांकित करने वाले समूह को प्रथम पुरस्कार दिया गया। प्रथम पुरस्कार पुरस्कार पाने वाले समूह में ये प्रतिभागी थे- आकांक्षा सिंह, पूजा नेगी, हर्षित चौधरी, प्रेरणा सिंह, स्वास्तिक सरकार, अंजलि कुमारी, अक्षत, सतीश मिश्र, मोहम्मद रफीक पठान और साकिब शेख। कार्यशाला में यूनिसेफ-इंडिया की ओर से कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अल्का गुप्ता और कम्युनिकेशन ऑफिसर सोनिया सरकार मौजूद थीं।