रानीगंज थाने के पास रविवार दोपहर जुलूस के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के समर्थकों और सपाइयों के बीच वाहनों के पास को लेकर टकराव हो गया। आरोप है कि सपाइयों ने विश्वनाथगंज विधायक के साथ हाथापाई करने के साथ ही उनके करीबी को जमकर पीटा और बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। घटना के बाद हमलावरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक ने समर्थकों के साथ वाराणसी- लखनऊ राजमार्ग पर साढे़ पांच घंटे धरना दिया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल भी अपने वाहन में वहीं बैठी रहीं।
अपना दल नेताओं की तहरीर पर आठ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज होने पर ही धरना खत्म हुआ। वहीं सपा की ओर से शिवगढ़ ब्लाक प्रमुख ने भी तहरीर दी है जिसमें मंत्री और विश्वनाथगंज विधायक पर अभद्रता, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
रानीगंज विधानसभा में रविवार को सियासी पारा गरम रहा।
केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल समर्थकों के साथ रविवार दोपहर एक बजे के बाद रानीगंज इलाके में आभार यात्रा निकाल रही थीं। उनके साथ समर्थकों और गाड़ियों का लंबा काफिला था। वह सुवंसा से प्रतापगढ़ के लिए निकली थीं। केंद्रीय मंत्री के प्रोटोकाल में सीओ रानीगंज अशोक सिंह आगे-आगे चल रहे थे। रानीगंज थाने के पास सपाई बाइक रैली निकाल रहे थे। इस दौरान भारी संख्या में कार्यकर्ता जमा थे। मंत्री की सुरक्षा में लगे वाहनों के हूटर से बेपरवाह सपा समर्थकों ने लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर पर पूरी तरह से कब्जा कर रखा था।
'प्रदेश में गुंडों की सरकार'
अनुप्रिया पटेल
- फोटो : file photo
केंद्रीय राज्यमंत्री के काफिले को पास न मिलता देख पुलिसबल व अद समर्थक वाहनों से उतर पड़े। इस दौरान दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई जिससे माहौल गरमा गया। वाहनों के पास को लेकर अपना दल व सपा समर्थक आमने-सामने आ गए। केंद्रीय राज्यमंत्री के काफिले के कुछ वाहन फंसे हुए थे। तभी विधायक डा. आरके वर्मा ने रानीगंज पॉवर हाउस के पास सपा समर्थकों को बाइक हटाने के लिए कहा। आरोप है कि इस दौरान सपाइयों ने विधायक के साथ हाथापाई की। अद समर्थक अरविंद पटेल समेत अन्य को पीट दिया। एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई। काफिले पर पथराव का भी आरोप लगाया गया। पुलिस तमाशबीन की मुद्रा में खड़ी रही।
घटना से आक्रोशित अद समर्थक हाईवे पर जमा लगाने के साथ ही धरने पर बैठ गए। मंत्री अनुप्रिया भी वहीं गाड़ी रोककर डट गईं। वह डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने के साथ ही हमलावरों के खिलाफ मुकदमा और गिरफ्तारी की मांग करने लगीं। शाम करीब साढ़े चार बजे अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय व एसडीएम रतिभान वर्मा मौके पर पहुंचे और सभी को समझाया। अपना दल नेताओं की तहरीर पर मुकदमा लिखे जाने पर धरना खत्म हो गया।
वर्जन
केंद्रीय राज्यमंत्री के काफिले पर पथराव की बात गलत है। समर्थकों के बीच वाहन को पास देने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। विधायक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
-एमपी वर्मा, एसपी
प्रदेश में गुंडों की सरकार है। इस सरकार में जब उन जैसी मंत्री सुरक्षित नही हैं और उनकी यात्रा को रोका गया। समर्थकों को धमकाया गया। खुलेआम गुंडई की गई। तो आम महिलाओं और जनता का क्या हाल होगा।
-अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री