मकान बनाने के लिए सूदखोरों से तीन लाख का कर्ज लेना इस्लामियां इंटर कॉलेज के कला प्रवक्ता मुवस्सिर हुसैन रिजवी उर्फ बहजाद पर इतना भारी पड़ा कि उन्हें अपनी जान ही देनी पड़ी। उनकी पत्नी के मुताबिक 11 सालों में सूदखोर तीन लाख के कर्ज की एवज में उनसे 70 लाख रुपये से ज्यादा रकम वसूल कर चुके थे, फिर भी रास्ते में जहां-तहां रोक-रोककर उन्हें सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते थे। आखिरकार सूदखोरों से पीछा छुड़ाने के लिए शिक्षक ने रविवार सुबह जहर खाकर खुदकुशी कर ली।
पुलिस ने उनकी पत्नी की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला बारादरी में रहने वाले 40 वर्षीय मुवस्सिर हुसैन रिजवी की पत्नी सदफ फातिमा उर्फ ताशी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक सूदखोरों ने शनिवार रात भी घर आकर उनके पति के साथ गाली गलौज की थी।
उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ और ज्यादा बदसलूकी करने लगे। इसके बाद उनके पति रात भर बेहद तनाव में रहे और सुबह चुपचाप जहर खा लिया। उन्हें जब उनके जहर खाने का पता लगा तो वह उन्हें एक अस्पताल में ले गईं जहां उनकी मौत हो गई।
'आए दिन सताते थे सूदखोर'
- फोटो : डेमो पिक
दर्ज कराई गई के मुताबिक सदफ फातिमा के मुताबिक मुवस्सिर हुसैन ने सन् 2005 में बिजलीपुरा में मकान बनवाने के लिए सूदखोर खालिद, अजीम बेग, उर्फ छम्मन बेग, फैसल, चौहान, प्रवीण, अच्छन, सलीम, राशिद से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। मकान बनवाने के बाद किन्हीं कारणों से उन्होंने अपना मकान बेच दिया था।
सूदखोर उनसे मूल रकम पर 20 से 30 प्रतिशत तक मनमाना ब्याज वसूल करते थे। कुल मिलाकर वे 70 लाख रुपये से ज्यादा रकम वसूल चुके थे। इसके बावजूद उनके पति से और रकम देने की मांग करते थे। अक्सर वेतन मिलने के दिन वे उन्हें कहीं न कहीं घेरकर पूरे का पूरा वेतन छीन लेते थे। साथ ही उनके साथ गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी देते रहते थे।
शनिवार रात भी इन सभी सूदखोरों ने मोहल्ला मोहम्मद जई निवासी बंटू और एमनजई निवासी अमरेश यादव के साथ घर पर आकर उनके पति के साथ बदसलूकी की थी। पुलिस ने सभी दस आरोपियों के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।