इन नॉन कन्वर्टिबल रिडेमेबल (अपरिवर्तनीय प्रतिदेय वरीयता शेयर) 1,000 शेयरों की प्रति शेयर फेस वैल्यू 200 रुपये है। शेयरों को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जब्त किया गया है। ईडी अब तक 2,229.56 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुकी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्वी ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केफिन टेक्नोलॉजीज लि. (केएसबीएल) के वरीयता शेयरों के रूप में 134.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। ये शेयर कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के सीएमडी सी पार्थसारथी के बेटे के नाम पर थे।
इन नॉन कन्वर्टिबल रिडेमेबल (अपरिवर्तनीय प्रतिदेय वरीयता शेयर) 1,000 शेयरों की प्रति शेयर फेस वैल्यू 200 रुपये है। शेयरों को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जब्त किया गया है। ईडी अब तक 2,229.56 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। ईडी ने हैदराबाद पुलिस की एफआईआर पर ईडी जांच शुरू की थी।
कर्ज लेकर नहीं किया भुगतान
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एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि केएसबीएल ने अपने ग्राहकों के लगभग 2,800 करोड़ रुपये के शेयरों को अवैध रूप से गिरवी रखकर लोन लिया और उसका भुगतान नहीं किया। बाद में इस लोन को एनपीए और धोखाधड़ी वाले खातों के रूप में घोषित कर दिया गया।