पांच राज्यों में मतदान के बाद 2019 के चुनाव की गहमागहमी शुरू हो जाएगी। ये पांच राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में कुल 680 विधानसभा सीटें हैं। 2013 के चुनाव में कुल 680 सीटों में से भाजपा को 382 सीटों, कांग्रेस को 169, टीआरएस को 82, बसपा को 8 सीटें मिली थीं।
पांच राज्यों में लोकसभा की 83 सीटें
इन पांच राज्यों में लोकसभा की कुल 83 सीटें हैं जो 2019 चुनाव के मद्देनजर बेहद अहम हैं। इनमें से 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 63 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को महज 6 और टीआरएस को 11 सीटें मिली थीं। लेकिन उपचुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के हाथों 3 सीटें गंवाई जिसके बाद अब कांग्रेस के पास 9 सीटें और भाजपा के पास 60 सीटें हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि अगर भाजपा को 2019 में दोबारा सत्ता हासिल करनी है तो मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुराना प्रदर्शन दोहराना होगा और बाकी दो राज्यों में बेहदर प्रदर्शन करना होगा। वहीं, कांग्रेस के सामने इन तीन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा ताकि वह सत्ता में वापसी का सपना हकीकत में बदल सके।
2013 में वोट शेयर और सीटों का आंकड़ा
2013 चुनाव में मध्यप्रदेश में कुल 230 सीटों में से भाजपा को 165 सीटें, कांग्रेस को 58 सीटें, बसपा को 4 और निर्दलीयों को 3 सीटें मिली थीं। भाजपा को 44.88 फीसदी और कांग्रेस को 36.38, बसपा को 6.29 फीसदी वोट मिले थे।
इसी तरह राजस्थान में भाजपा को बंपर 163 सीटें, कांग्रेस को महज 21 सीटें ही मिली थीं। भाजपा ने 45.17 फीसदी, कांग्रेस ने 33.07 फीसदी वोट हासिल किए थे।