सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के नेता विपक्ष देबब्रत सैकिया ने कहा कि राज्यसभा की दोनों सीटें जीतने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगे हैं। विपक्ष के साथ ही लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए यह सब किया जा रहा है।
असम विधानसभा में सोमवार को विपक्ष ने आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तापक्ष पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर हंगामा करते हुए विपक्ष ने विधानसभा से बहिर्गमन किया। राज्य में 31 मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है।
विज्ञापन
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता विपक्ष, कांग्रेस के देबब्रत सैकिया ने कहा, राज्यसभा की दोनों सीटें जीतने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगे हैं। विपक्ष के साथ ही लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए यह सब किया जा रहा है।
इसके बाद विपक्ष ने वेल में जाकर लोकतंत्र को बचाने और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। जवाब में सत्तापक्ष भाजपा के विधायकों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष बिश्वजीत दैमरी ने माहौल शांत करने का प्रयास करते हुए कहा, प्रश्नकाल की कार्यवाही चलने दे, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। आधे घंटे के हंगामे और नारेबाजी के बीच संयुक्त विपक्ष से सदन से बहिर्गमन किया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के बयान पर हंगामा
मुख्यमंत्री के रविवार को दिए गए एक बयान पर सदन में हंगामा हुआ। उन्होंने कहा था, आगामी राज्यसभा चुनाव में निलंबित कांग्रेस विधायक शशि कांता दास भाजपा-एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में वोट करेंगे। मुख्यमंत्री ने विधायक से मुलाकात के बाद यह बयान दिया था।