उन्होंने आगे कहा, 'फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि एक भावना है... 1970 के दशक में नाइजीरिया में गृह युद्ध छिड़ा। उस युद्ध में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, और माहौल बेहद तनावपूर्ण था। लेकिन जब ब्राजील के खिलाड़ी पेले वहां एक दोस्ताना मैच खेलने पहुंचे तो कहा जाता है कि 48 घंटे तक देश में शांति रही। जरा कल्पना कीजिए कि फुटबॉल ने चमत्कारी तरीके से स्थिति को कैसे सामान्य किया ... इसका मतलब केवल यह है कि फुटबॉल शांति का खेल है और जो लोगों को एकजुट करता है।'
राजनाथ सिंह ने कहा, 'खेल हो या समाज या राष्ट्र, इसमें नियम बहुत जरूरी हैं और इन्हें बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। एक सच्चा खिलाड़ी और एक सच्चा नागरिक वह है जो खेल और समाज के नियमों के अनुसार अपना कर्तव्य निभाता है।'
रक्षा मंत्री सिंह ने बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को असम सरकार की भी सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप कोकराझार शहर में एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के मौजूदा संस्करण का आयोजन हुआ है। सिंह ने डूरंड कप के उद्घाटन के मौके पर उम्मीद जताई कि टूर्नामेंट के दौरान खेले जाने वाले मैच क्षेत्र के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अपने राज्य और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा, 'इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आयोजन के लिए कोकराझार और असम को मेरी बधाई। यह सभी के लिए गर्व का क्षण है... मैं बीटीसी में ऐसा माहौल बनाने के लिए सरकार को बधाई देता हूं कि इस तरह के टूर्नामेंट यहां आयोजित किए जा रहे हैं।'
वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन ने साबित कर दिया है कि बोडोलैंड में शांति लौट आई है। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि यहां इस तरह की और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।' उन्होंने कहा कि कोकराझार में 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम का काम नवंबर से शुरू होगा।