लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद और राज्यों की विधानसभाओं में हंगामे और अशोभनीय व्यवहार के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, असहमति गतिरोध का कारण नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना नैतिक और सांविधानिक तौर पर गलत है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में होने वाले हंगामे और अशोभनीय व्यवहार के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने कहा, असहमति गतिरोध का कारण नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना नैतिक और सांविधानिक तौर पर गलत है। यह तब और भी ज्यादा व्यथित करने वाला होता है, जब सोची-समझी रणनीति के तहत व्यवधान डाला जाता है।
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लोकसभा अध्यक्ष ने सदनों में हंगामे को लेकर जताई चिंता
असम विधानसभा को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा, लोकतंत्र संवाद और विमर्श पर आधारित है, लेकिन सदन में विमर्श का लगातार बाधित होना और मर्यादा का अभाव चिंता का विषय है। पक्ष और विपक्ष में असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमति गतिरोध का कारण नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने राजनीतिक दलों को जटिल मुद्दों पर आपस में चर्चा करने और सदन की कार्यवाही को निर्बाध बनाने की सलाह देते हुए कहा, व्यवधान और कार्यवाही स्थगन भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का हिस्सा नहीं है। जनप्रतिनिधियों को लोगों की आशाओं पर खरा उतरने के लिए सदन की कार्यवाही को निर्बाध बनाए रखना चाहिए।
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असम विधानसभा के डिजिटल टीवी की शुरुआत की
बिरला ने विधायकों से कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश को संसदीय लोकतंत्र बांधकर रखता है। राष्ट्र स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, लिहाजा इस बात पर गौर करना जरूरी है कि इस देश में सदन कैसे कार्य करते हैं। इस दौरान बिरला ने असम विधानसभा के डिजिटल टीवी की शुरुआत भी की।