देश में कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा असर महिला उद्यमियों पर पड़ा है। ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप मॉनिटर (जीईएम) और एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सर्वे के मुताबिक, महामारी के कारण 2020-21 में महिलाओं की उद्यमशीलता में 79 फीसदी गिरावट देखने को मिली। पुरुषों की उद्यमशीलता 53 फीसदी घट गई।
कोरोना महामारी ने देश में कुल उद्यमशीलता गतिविधियों (टीईए) को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इसका सबसे ज्यादा असर महिला उद्यमियों पर पड़ा है। ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप मॉनिटर (जीईएम) और एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सर्वे के मुताबिक, महामारी के कारण 2020-21 में महिलाओं की उद्यमशीलता में 79 फीसदी गिरावट देखने को मिली। पुरुषों की उद्यमशीलता 53 फीसदी घट गई।
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सर्वे में दावा, 2020-21 में 79 फीसदी घटी महिलाओं की उद्यमशीलता
सर्वे में कहा गया है कि महामारी के प्रकोप की वजह से 2020-21 में कुल प्रारंभिक चरण की उद्यमशीलता गतिविधियां घटकर 5.34 फीसदी रह गईं। 2019-20 में यह आंकड़ा 15 फीसदी था। इस दौरान उद्यमशीलता के इरादे में भी कमी आई है और यह 2019-20 के 33.3 फीसदी से घटकर 2020-21 में 20.31 फीसदी रह गई। सर्वे में शामिल देश में करीब 44 फीसदी युवाओं का मानना है कि महामारी की वजह से उनकी घरेलू आय भी प्रभावित हुई है। यह सर्वे 45 से ज्यादा देशों के 3,317 लोगों और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित है।
युवा उद्यमियों में बढ़ा असफलता का डर बढ़ा
सर्वे के मुताबिक, महामारी ने युवा उद्यमियों में असफलता का डर बढ़ा दिया है। 2019-20 में इन उद्यमियों में असफल होने का डर 56 फीसदी था, जो 2020-21 में बढ़कर 57 फीसदी पहुंच गया। सर्वे में कहा गया है कि कोरोना के दौरान 70 फीसदी उद्यमियों को अपनी कारोबारी योजनाएं बदलनी पड़ीं। 82 फीसदी ने कहा कि इन कठिनाइयों के बावजूद अपने क्षेत्र में कारोबार शुरू करने का अच्छा अवसर मौजूद है। 82 फीसदी मानते हैं कि उनके पास कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी कौशल और ज्ञान है।