विशेष पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस चराइदेव जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीमा) शुभालक्ष्मी दत्ता की तलाश कर रही है। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि एएसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करती हैं तो उनकी संपत्ति की जब्ती की जाएगी और उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दत्ता के खिलाफ उनके घरेलू सहायक ने 26 अगस्त को पड़ोसी शिवसागर जिले के नाजिरा पुलिस थाने में शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज कराया था। डीजीपी हरमीत सिंह ने कहा कि शुभालक्ष्मी दत्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराएं शुरू में बहुत गंभीर प्रकृति की नहीं थीं, क्योंकि जिन दो सरकारी अस्पतालों में नौकरानी की जांच की गई थी, उनमें किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं थी।
उन्होंने कहा कि नौकरानी को असम टी ट्राइब स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एटीटीएसए) के तीन सदस्यों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जिन्होंने जांच में दखल देने की कोशिश की और उससे समझौता कराने की कोशिश की। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि अस्पताल से बाहर आने के बाद पीड़िता ने अपने बयान में एएसपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का दावा किया, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ और कड़े प्रावधान लागू किए गए।
जबरन वसूली: जांच के दौरान 64 लाख रुपये की नकदी बरामद
वहीं, एक दूसरे मामले में असम सीआईडी ने जबरन वसूली के एक मामले की जांच के दौरान छापेमारी की और इस दौरान 64 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी और एक व्यापारी की मां द्वारा हस्ताक्षरित 21 खाली चेक बरामद किए हैं। इस मामले में बालाजी जिले के एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों सहित दस को गिरफ्तार किया गया है। विशेष डीजीपी ने कहा कि कुछ और लोगों को गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
उन्होंने कहा, यह भी पता लगाया जा रहा है कि व्यापारी रबिउल इस्लाम को आरोपियों ने क्यों निशाना बनाया और कथित तौर पर उससे 2.5 करोड़ रुपये की मांग की। इस्लाम के कारोबारी लेन-देन की भी जांच की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के दौरान एक सूटकेस से 64,29,500 रुपये नकद और उस पर उंगलियों के निशान के चार सेट मिले, जिनकी जांच की जा रही है।
सीआईडी ने 31 अगस्त को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और दो उप-निरीक्षकों (एसआई) सहित बजाली के सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसपी सिद्धार्थ बुरागोहेन का अगले दिन बालाजी से तबादला कर दिया गया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। तत्कालीन एएसपी गायत्री सोनोवाल, डीएसपी पुस्कल गोगोई और भवानीपुर चौकी के प्रभारी एसआई देबजीत गिरि को गिरफ्तार किया गया है।