मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुवाहाटी में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद पर बैठक की। इस दौरान सीमा विवादों को सुलझाने के लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन करने का निर्णय लिया गया है।
तीन नगा उग्रवादी गुटों के साथ एक साल के लिए और बढ़ा संघर्षविराम
केंद्र सरकार ने तीन नगा उग्रवादी गुटों के साथ जारी संघर्षविराम को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। इन करारों पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि संषर्घविराम समझौता केंद्र सरकार और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-एनके (एनएससीएन-एनके), नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड के-खांगो (एनएससीएन के-खांगो) औरनेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड -रिफार्मेशन (एनएससीएन-आर) के बीच है।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि संघर्षविराम समझौते को अगले एक और साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यह करार केंद्र और एनएससीएन-एनके व एनएससीएन-आर के बीच 28 अप्रैल 2022 से 27 अप्रैल 2023 तक जारी रहेगा। साथ ही सरकार और एनएससीएन के-खांगो के बीच 18 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2023 तक जारी रहेगा। इससे पहले 8 सितंबर 2021 को केंद्र सरकार ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (के) निकी गुट के साथ एक साल के लिए संघर्षविराम किया था। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम पीएम नरेंद्र मोदी के उग्रवाद मुक्त और समृद्ध पूर्वोत्तर के विजन को पूरा करने की पहल है। इससे नगा शांति प्रक्रिया को काफी बढ़ावा मिलेगा।