असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को अपना पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया। इसके तहत सरमा कैबिनेट में भाजपा के दो विधायकों जयंत मल्ला बरुआ और नंदिता गोरलोसा ने नए मंत्रियों के रूप में शपथ ली। असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने पहली बार मंत्री बने दोनों विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बरुआ ने अंग्रेजी और गोरलोसा ने अंग्रेजी में शपथ ली।
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पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी। इसके बाद 10 मई को सरमा ने असम के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव बरुआ नलबाड़ी से विधायक हैं, जबकि गोरलोसा हाफलोंग निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं।
बरुआ कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और 2011 में पहली बार विधायक चुने गए थे। हालांकि, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया और 2015 में सरमा के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। गोरलोसा भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुनी गई हैं। इसके साथ ही भाजपा के नेतृत्व वाली असम सरकार में वर्तमान कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 16 हो गई है और कोई राज्य मंत्री नहीं है।
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साल 2003 में हुए संविधान के 91वें संशोधन के अनुसार किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा के सदस्यों की कुल तादाद के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। असम विधानसभा में विधायकों की संख्या 126 है, लिहाजा मंत्रियों की संख्या 19 हो सकती है।