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बारामती सीट पर रार: 'बेटियों को बराबर मौका', NCP-SP ने क्यों जारी किया शरद पवार का पुराना वीडियो, जानें मामला

Thu, 11 Apr 2024 11:37 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र की बारामती सीट पर रिश्ते में ननद भौजाई का राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प हो चुका है। बारामती में तीसरे चरण में सात मई को मतदान होना है। शरद पवार की इकलौती संतान सुप्रिया सुले अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।
 
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बारामती सीट पर पवार परिवार में रार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। देशभर में 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव होने हैं। इस बीच, महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट पर सियासत गर्मायी हुई है। इस सीट को लेकर 'पवार' परिवार में खींचतान जारी है। शरदचंद्र पवार वाली एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले अपने चचेरे भाई अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। इस बीच, शरद पवार का एक पुराना वीडियो उनकी पार्टी ने साझा किया है, जिसमें वह बेटियों को समान अवसर देने की बात करते नजर आ रहे हैं।   

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इस वीडियो को प्रतिद्वंद्वी खेमे के प्रमुख अजित पवार द्वारा की गई अपील पर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। 

भाभी-ननद हुईं आमने-सामने
महाराष्ट्र की बारामती सीट पर रिश्ते में ननद भौजाई का राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प हो चुका है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार खेमा) ने सुनेत्रा पवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवार बनाया है। सुनेत्रा महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं। वहीं सुनेत्रा के खिलाफ उनकी ननद सुप्रिया सुले चुनाव मैदान में हैं। सुप्रिया शरद पवार की बेटी हैं। बारामती लोकसभा क्षेत्र की मौजूदा सांसद एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले हैं। साल 2019 में सुप्रिया ने भाजपा के कंचन राहुल कूल को हराया था। सुले ने अब तक तीन बार बारामती लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है। 

अब बहू को विजयी बनाएं: अजित पवार
इस सप्ताह की शुरुआत में बारामती में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजित पवार ने अपनी पत्नी के लिए समर्थन मांगा था। उन्होंने कहा था कि आप लोगों ने मेरी चाचा की बेटी को तो तीन बार चुना है। लेकिन अब उनकी बहू को चुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि आप इतने लंबे समय से पवार परिवार के साथ हैं। अब इस चुनाव में आप क्या करेंगे, इस बारे में तो सोचा होगा क्योंकि इस बार तो एक ही परिवार से दो उम्मीदवार हैं। आप सोच रहे होंगे कि किसे समर्थन दें, किसे वोट दें। आप लोगों को कुछ नहीं करना सिर्फ मतदान केंद्र पर जाना है और सुनेत्रा पवार के समर्थन में वोट देना है। उन्होंने कहा कि अगर आप लोग सुनेत्रा को वोट करेंगे तो आप लोगों की परंपरा भी नहीं टूटेगी। 
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विवाहित महिलाएं अगर मायके में दखल...
अजित पवार खेमे में शामिल महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने पिछले महीने कहा था कि विवाहित महिलाएं अगर अपने मायके में दखल देती हैं तो इससे विवाद पैदा होता है। 

शरदचंद्र पवार वाली एनसीपी ने साझा किया वीडियो
इन्हीं सब बयानबाजी के बीच, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने सोशल मीडिया पर शरद पवार का एक पुराना वीडियो पोस्ट किया। इसमें वह प्रसिद्ध फिल्म निर्माता जब्बार पटेल द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि वह बेटा नहीं होने के सवालों से कैसे निपटते हैं।

शरदचंद्र पवार वाली एनसीपी ने एक पोस्ट में कहा, 'शरद पवार जैसा दूरदर्शी नेता ही एक बेटी की बात कर सकता है। यह महाराष्ट्र को अन्य राज्यों से अलग करता है। प्रतिगामी लोग केवल परिवार के उत्तराधिकारी, उनके उपनाम, मायके और ससुराल के घर की बात कर सकते हैं। ऐसे लोग प्रगतिशील महाराष्ट्र को नहीं समझ सकते।'

बारामती में तीसरे चरण में सात मई को मतदान होना है। शरद पवार की इकलौती संतान और तीन बार सांसद रहीं सुप्रिया सुले अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

शरद पवार ने दिया यह जवाब
वीडियो में पवार ने कहा, 'मुझे इस सवाल का सामना करना पड़ता है, खासकर जब मैं दूरदराज के इलाकों में यात्रा करता हूं। मुझे बताया गया है कि यह अच्छा होता अगर कोई बेटा होता जो परिवार का नाम चलाता। बेटा चिता जलाए तो स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं। क्या हमें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि हमारे जाने के बाद कौन चिता जलाएगा या फिर यह देखना चाहिए हमारे जिंदा रहते कौन अच्छा व्यवहार कर रहा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'महिला और पुरुष बच्चों के बारे में ऐसी मानसिकता को छोड़ने की जरूरत है। मुझे लगता है कि हम एक लड़की को समान अवसर दे सकते हैं। उसका आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं और उससे सर्वश्रेष्ठ प्राप्त कर सकते हैं।'

1999 में बनी पार्टी टूटी
शरद पवार द्वारा सन् 1999 में स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पिछले साल अजित पवार और पार्टी के कई विधायकों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के बाद विभाजित हो गई थी। चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी को असली एनसीपी के रूप में मान्यता दी है और उसे घड़ी का चुनाव चिह्न आवंटित किया है।

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