नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की दिल्ली की टीम ने उप महानिदेशक संजय सिंह के नेतृत्व में आर्यन खान ड्रग्स केस की जांच शुरू कर दी है। यह टीम छह मामलों की जांच करेगी। जांच में एनसीबी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े भी मदद करेंगे।
संजय सिंह 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें उन सभी छह केस की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, जिनकी जांच पहले क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े कर रहे थे। संजय सिंह ने कहा कि हमने छह मामलों को अपने हाथ में ले लिया है।
वानखेड़े करेंगे जांच की निगरानी
एएनआई के अनुसार एनसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि समीर वानखेड़े क्षेत्रीय निदेशक स्तर के अधिकारी हैं। वे एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के रैंक के बराबर हैं। ऐसे वरिष्ठ अधिकारी किसी भी मामले के जांच अधिकारी नहीं बन सकते हैं। वह क्षेत्र की किसी भी जांच की निगरानी करते हैं। इसलिए यह कहना निराधार है कि समीर वानखेड़े इन छह मामलों की जांच करना बंद कर देंगे।
शुक्रवार को गठित की थी एसआईटी
एनसीबी ने ड्रग्स मामले की जांच से समीर वानखेडे को हटाकर संजय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक एसआइटी का गठन किया था। वानखेड़े के नेतृत्व में ही एनसीबी की टीम ने मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज पर छापा मार कर अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया था।
किसी अधिकारी को जांच से नहीं हटाया
उधर, एनसीबी ने बयान जारी कर कहा है कि किसी भी अधिकारी को उनकी वर्तमान भूमिकाओं से नहीं हटाया गया। जब तक इसके विपरीत कोई विशिष्ट आदेश जारी नहीं किया जाता है, तब तक समीर वानखेड़े जांच में सहायता करेंगे। एनसीबी एक एकीकृत जांच एजेंसी है, जो पूरे देश में जांच करती है।
वानखेड़े का दावा, मुझे नहीं हटाया
इस बीच, वानखेड़े ने भी इस बात से इनकार किया कि है कि उन्हें मामले से हटा दिया गया है। वानखेड़े ने कहा कि मुझे जांच से नहीं हटाया गया है। अदालत में मैंने रिट याचिका दायर कर मांग की थी कि मामले की जांच एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाए। इसलिए आर्यन खान केस और समीर खान दिल्ली विशेष जांच दल मामले की जांच कर रहा है। यह दिल्ली और मुंबई की एनसीबी टीमों के बीच समन्वय है।