फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arunachal Pradesh: एक सड़क के इंतजार में बीत गए 75 साल, अब जगी उम्मीद

Tue, 23 Aug 2022 01:29 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव एन. अर्जुन, गुवाहाटी

सार

स्थानीय पंचायत मेंबर सन बहादुर कहते हैं 75 साल हो गए हम इंतजार ही कर रहे हैं। सड़क बनाने का काम तो 2013 शुरू हुआ। यह अभी भी बन रहे हैं। उम्मीद तो है, लेकिन काम कब पूरा होगा पता नहीं।
विज्ञापन
अरुणाचल प्रदेश के विजय नगर में 75 सालों से नहीं बनी सड़क - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन है सत्य। अरुणाचल प्रदेश के चालांग जिले के विजय नगर तहसील के लोग पिछले 75 वर्षों से एक अदद सड़क का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सड़क है कि पहुंच ही नहीं रही है। स्थानीय लोग कहते हैं, पूरे देश के लोग आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं लेकिन उनके हिस्से आया तो केवल आश्वासन। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जाकर थोड़ी उम्मीद जगी है। मिऊ-विजयनगर (157 किलोमीटर) सड़क पर काम शुरू हुआ, लेकिन सड़क बनकर कब तैयार होगी, मालूम नहीं। अब स्थानीय माननियों ने जल्द सड़क पूरा करने का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि यह नगर तीन तरफ से म्यांमार से घिरा हुआ है और चीनी सीमा भी पास है।

विज्ञापन


कब बसा विजय नगर
विजय नगर को असम राइफल्स के मेजर जनरल ए.एस. गौरेया ने बसाया। 1961-62 में एक अभियान के दौरान गौरैया ने तीनों तरफ से बर्मा (म्यांमार) सीमा के बीच भारतीय इलाके में एक निर्जन क्षेत्र पाया। उन्होंने इसका नाम विजय नगर रखा। असम राइफल्स के सैनिकों के दो सौ परिवारों को (चार बैच में, 1967, 68 और 69 से 1971 में अंतिम बैच को यहां बसाया गया।) इसके बाद में 1972 इंडो-म्यांमर बार्डर डिमारकेशन हुआ। आज विजय नगर 16 गांवों का समूह है। करीब 4400 के आसपास आबादी है।

हवाई या पैदल ही पहुंच सकते हैं
विजयनगर केवल पैदल या हवाई मार्ग से विजयनगर हवाई अड्डे (जिसे विजयनगर एडवांस लैंडिंग ग्राउंड भी कहा जाता है) से पहुंचा जा सकता है। यह अरुणाचल प्रदेश का 8वां उन्नत लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) है, जिसे भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना द्वारा सितंबर 2019 में लड़ाकू जेट और बड़े परिहवन विमानों की लैंडिंग की अनुमति देने के लिए अपग्रेड किया गया।

अब जाकर उम्मीद बंधी है

विज्ञापन

स्थानीय पंचायत मेंबर सन बहादुर कहते हैं 75 साल हो गए हम इंतजार ही कर रहे हैं। सड़क बनाने का काम तो 2013 शुरू हुआ। अब उम्मीद बनी है, काम शुरू हुआ है। लेकिन इसमें भी बहुत सी समस्याएं हैं। मिऊ से विजय नगर तक जो सड़क बन रही है, उसके बीच में करीब सौ किलोमीटर नामदफा नेशलन टाइगर रिजर्व है। भगत क्षेत्री कहते हैं कि अब जाकर उम्मीद बंधी है, लेकिन अभी भी समय लगेगा। देश में फाइव-जी की बात हो रही है लेकिन हमारे यहां अभी बिजली के खंभे गढ़ रहे हैं। अंदाजा लगा लीजिए हम किस दुनिया में जी रहे हैं। सड़क बन रही है, 2013 से ही सुन रहे हैं, बन भी रही है, कब पूरी होगी पता नहीं। हमारे कई बुजुर्ग तो सड़क देखे बिना ही इस संसार से विदा हो गए।

इंतजार खत्म होने को हैः तापिर गाव
अरुणाचल पूर्व के सांसद तापिर गाव ने कहा, मिऊ-विजय नगर (करीब 157 किलोमीटर) सड़क का काम बहुत तेजी से चल रहा है।सड़क नहीं होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। प्राकृतिक और पर्यावरण संबंधी मामलों के कारण बीच में काम रोकना पड़ा। मानता हूं कि लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस साल सितंबर तक हम विजय नगर के लोगों को सड़क मार्ग का सौगत देंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें