यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन है सत्य। अरुणाचल प्रदेश के चालांग जिले के विजय नगर तहसील के लोग पिछले 75 वर्षों से एक अदद सड़क का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सड़क है कि पहुंच ही नहीं रही है। स्थानीय लोग कहते हैं, पूरे देश के लोग आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं लेकिन उनके हिस्से आया तो केवल आश्वासन।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जाकर थोड़ी उम्मीद जगी है। मिऊ-विजयनगर (157 किलोमीटर) सड़क पर काम शुरू हुआ, लेकिन सड़क बनकर कब तैयार होगी, मालूम नहीं। अब स्थानीय माननियों ने जल्द सड़क पूरा करने का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि यह नगर तीन तरफ से म्यांमार से घिरा हुआ है और चीनी सीमा भी पास है।
हवाई या पैदल ही पहुंच सकते हैं
विजयनगर केवल पैदल या हवाई मार्ग से विजयनगर हवाई अड्डे (जिसे विजयनगर एडवांस लैंडिंग ग्राउंड भी कहा जाता है) से पहुंचा जा सकता है। यह अरुणाचल प्रदेश का 8वां उन्नत लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) है, जिसे भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना द्वारा सितंबर 2019 में लड़ाकू जेट और बड़े परिहवन विमानों की लैंडिंग की अनुमति देने के लिए अपग्रेड किया गया।
अब जाकर उम्मीद बंधी है
इंतजार खत्म होने को हैः तापिर गाव
अरुणाचल पूर्व के सांसद तापिर गाव ने कहा, मिऊ-विजय नगर (करीब 157 किलोमीटर) सड़क का काम बहुत तेजी से चल रहा है।सड़क नहीं होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। प्राकृतिक और पर्यावरण संबंधी मामलों के कारण बीच में काम रोकना पड़ा। मानता हूं कि लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस साल सितंबर तक हम विजय नगर के लोगों को सड़क मार्ग का सौगत देंगे।