ईस्ट कामेंग के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने वेओ गांव पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने के बाद देर रात जिला मुख्यालय लौटकर बताया कि जिला प्रशासन ने रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और नॉर्थईस्ट स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (एनईएसएसी) से सेटेलाइट इमेज के लिए संपर्क किया लेकिन 17 से 31 अगस्त तक का कोई डाटा नहीं मिल पाया।
पिछले बीस दिनों से लापता अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही तापी म्रा और उनके सहयोगी को खोजने के लिए सैटेलाइट की मदद की कोशिश की गई लेकिन यहां से भी कोई मदद नहीं मिली। इस बीच, भारी बारिश के कारण नदियां ऊफान पर हैं, जिसके कारण पैदल दस्ते को रोकना पड़ा। सोमवार को ईस्ट कामेंग के डीसी खुद वेओ गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सोमवार को तापी म्रा और निको दाउ के परिजन भी वेओ गांव पहुंचे।
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ईस्ट कामेंग के डीसी प्रभिमल अभिषेक पोलुमाटला ने वेओ गांव पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने के बाद देर रात जिला मुख्यालय लौटकर बताया कि जिला प्रशासन ने रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और नॉर्थईस्ट स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (एनईएसएसी) से सेटेलाइट इमेज के लिए संपर्क किया लेकिन 17 से 31 अगस्त तक का कोई डाटा नहीं मिल पाया। एक सितंबर की जो तस्वीर मिली है, वह पूरी तरह से धूंधली है।
उन्होंने बताया कि नदियों के ऊफान के कारण पैदल दस्ते को तुरंत रोकना पड़ा। क्योंकि नदियों में पानी बहुत ही तेज बहाव के साथ बह रहा है। नदियों को पार करना खतरे से खाली नहीं है। अगर सेना के जवान नदी पार कर भी लेते हैं, बाकी चीजों का सप्लाई चेन टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि मौसम ठीक होने पर ही पैदल दस्ता आगे बढ़ पाएगा।
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दूसरी ओर, सर्च ऑपरेशन के लिए सेना के चार हैलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं लेकिन मौसम खराब मौसम के कारण सोमवार को भी हैलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। जैसे ही मौसम ठीक होगा, ये हैलिकॉप्टर पर्वतारोहियों को खोजने निकल पड़ेंगे।
इस बीच, सोमवार को दोनों पर्वतारोहियों के परिजन भी वेओ गांव पहुंचे और हालात को नजदीक से देखा। उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।