भारतीय सेना द्वारा आर्मी लॉजिस्टिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया। इस दौरान सेना को आधुनिक बनाने से लेकर युद्ध के प्रभाव पर चर्चा की गई। इस दौरान सेना प्रमुख ने अपना संबोधन भी दिया। उन्होंने युद्ध पर चर्चा करते हुए कहा कि युद्ध केवल सेनाओं के बीच नहीं होते हैं बल्कि इसमें पूरे देश का प्रयास शामिल होता है। युद्ध राष्ट्रीय लचीलापन का परीक्षण करते हैं और देश के संसाधनों और क्षमताओं को बढ़ाते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष इसका एक उपयुक्त उदाहरण है।
कार्यक्रम से इतर, सेना प्रमुख ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र में पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 से भारतीय और चीनी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। उन्होंने कहा, मुझे इस संबंध में अभी समीक्षा करनी है। लेकिन, यह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। दरअसल, पांच मई, 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया था। दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे भारी हथियारों से लैस हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी थी। हाल ही में चीनी की सेना ने घोषणा की थी कि उसने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स पेट्रोलिंग पॉइंट 15 से हटना शुरू कर दिया है, जिसके एक दिन बाद नौ सितंबर को विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में टिप्पणी की गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि समझौते के अनुसार, इस क्षेत्र में वापसी की प्रक्रिया 8 सितंबर को सुबह 8:30 बजे शुरू हुई और 12 सितंबर तक पूरी हो जाएगी।