हर साल 15 अक्तूबर को विश्व छात्र दिवस मनाया जाता है। यह दिवस देश के पूर्व राष्ट्रपति, दिवंगल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सम्मान में उनकी जन्मदिवस पर मनाया जाता है। इस रिपोर्ट में जानिए कैसे कलाम को समर्पित किया गया यह दिन...
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। एक शिक्षाविद्, राष्ट्रपति और प्रखर वक्ता अब्दुल कलाम ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक और प्रशासक के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। डॉ. कलाम ने भारत का 11वां राष्ट्रपति बनने से पहले भारत के नागरिक अंतरिक्ष और सैन्य मिसाइल कार्यक्रमों को विकसित करने में भी अमूल्य योगदान दिया था।
विज्ञापन
यूएनओ ने 2010 में कलाम को समर्पित किया था यह दिन
भारत का मिसाइलमैन कहे जाने वाले कलाम को छात्रों को दिए गए उनके ज्ञानवर्धक भाषणों के लिए भी जाना जाता है। साल 2010 से संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ) डॉ. कलाम के प्रयासों को सम्मानित करने के लिए 15 अक्तूबर को विश्व छात्र दिवस के रूप में मना रहा है। पिछले साल इस दिवस की थीम 'लर्निंग फॉर पीपल, प्लैनेट, प्रॉस्परिटी एंड पीस' थी। डॉ. कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 के आईआईएम शिलांग में भाषण देते वक्त हृदय गति रुकने से हो गया था।