आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी द्वारा वक्फ भूमि को चारों तरफ से घेरने के आदेश के बाद राजनीति तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सीएम के इस कदम को तुष्टिकरण की राजनीति बताया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों को वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाली संपत्तियों की सुरक्षा के लिए उपाय करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने वक्फ भूमि को चारो तरफ से घेरने का आदेश दिया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अब सीएम के इस कदम को तुष्टिकरण की राजनीति कहा है।
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सोमवार को हुई एक बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वक्फ भूमि का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया। उन्होंने उन्हें राज्य सरकार के रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत ऐसी संपत्तियों के चारों ओर परिसर की दीवारों के निर्माण की संभावना तलाशने के लिए कहा।
इसके अलावा, राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाली संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होमगार्ड नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को इमामों, मुअज्जिनों और पादरियों के लिए समय पर मानदेय सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी को यह भी बताया गया कि आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगभग 500 एकड़ वक्फ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है।
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भाजपा ने की कड़ी आलोचना
इस बीच, भाजपा ने इस संबंध में आंध्र प्रदेश सरकार की कथित 'तुष्टिकरण की राजनीति' की आलोचना की है। सोमवार को एक ट्वीट में, भाजपा के राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि सीएम जगनमोहन ने अधिकारियों को परिसर की दीवारों का निर्माण करके वक्फ भूमि की रक्षा करने का निर्देश दिया, लेकिन क्या मंदिर की भूमि के साथ भी ऐसा होगा ? उन्हें बेचो, कौन परवाह करता है?