Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ चल रही जांच और कार्यवाही पर दो हफ्तों के लिए रोक लगा दी है। यह मामला एक समर्थक की मौत से जुड़ा है जो कथित रूप से रेड्डी के काफिले के वाहन के नीचे आ गया था। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ दो हफ्तों के लिए सभी कानूनी कार्यवाहियों और जांच पर रोक लगा दी है। यह मामला हाल ही में पालनाडु जिले के रेंटापल्ला गांव में एक पार्टी समर्थक की मौत से जुड़ा है।
क्या हुआ था पूरा मामला
जगन मोहन रेड्डी 18 जून को रेड्डी रेंटापल्ला गांव गए थे, जहां उन्होंने पार्टी नेता के परिवार से मुलाकात की थी, जिसने एक साल पहले आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि कि उस नेता को टीडीपी नेताओं और पुलिस की कथित प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करनी पड़ी थी। वहीं पुलिस का आरोप है कि गांव जाते समय वाईएसआरसीपी समर्थक सी. सिंगैया कथित तौर पर रेड्डी के काफिल के वाहन के नीचे आ गए। इस दुर्घटना में सिंगैया की मौत हो गई।
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रेड्डी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस घटना में पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने वाहन चालक को आरोपी नंबर 1 और जगन रेड्डी को आरोपी नंबर 2 बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री के वकील पोंनवलु सुधाकर रेड्डी ने पीटीआई को बताया, कोर्ट ने आगे की सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी है और मामले की अगली सुनवाई दो हफ्तों बाद होगी।
दो हफ्ते बाद होगी सुनवाई
सुधाकर रेड्डी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच पर भी दो हफ्तों के लिए रोक लगाई है। 27 जून को हाईकोर्ट ने पुलिस को 1 जुलाई तक रेड्डी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आदेश दिया था। आज अदालत ने इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद के लिए तय कर दी है।