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Andaman-Nicobar: बंदरगाह पर गश्त के लिए 'फास्ट इंटरसेप्टर बोट' तैनात, राहत और बचाव अभियानों में आएगी तेजी

Sat, 30 Dec 2023 05:49 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर

सार

Andaman-Nicobar: अंडमान और निकोबार पुलिस ने बंदरगाह पर गश्त के लिए एक तेज गति से चलने वाली नाव पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र में तैनात की है। इससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, मछलियों को अवैध तरीके से पकड़ने से रोकने में मदद मिल सकेगी। साथ ही राहत व बचाव अभियानों में तेजी आएगी। 
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पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र में तैनात की गई फास्ट इंटरसेप्टर बोट। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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अंडमान और निकोबार पुलिस ने चौबीस घंटे बंदरगाह पर गश्त के लिए पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र में एक अत्याधुनिक 'फास्ट इंटरसेप्टर बोट' (एफआईबी) तैनात की है। इसा इस्तेमाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करने और अवैध रूप से मछली पकड़ने के काम को रोकने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, यह तेजी से राहत व बचाव कार्य चलाने के भी काम आएगी। एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

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अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जेट्टी (समुद्र तट के जल में बनी पत्थर की दीवार या ढांचा, जिससे नावों को बांधते हैं और जहां लोग चढ़ते-उतरते हैं) तक सीमित है और नौसेना व तटरक्षक बल मुख्य रूप से पांच समुद्री मील से ज्यादा दूरी पर गश्त करते हैं। जिससे बंदरगाह क्षेत्र में शून्यता पैदा हो जाती है। इसलिए कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत महसूस की गई थी। अंडमान और निकोबार पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने काफी विचार-विमर्श के बाद पोर्ट ब्लेयर में एफआईबी को तैनात करने का फैसला लिया। 

अंडमान और निकोबार पुलिस के डीजीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया, 'प्रतिक्रिया दल का फोकस प्रतिबंधित बंदरगाह क्षेत्र में उचित पहुंच नियंत्रण और अग्निशमन अभियान, खोज एवं बचाव, चिकित्सा निकासी, समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और मछलियों को अवैध तरीके से पकड़ने से रोकने में मदद करना है।' 

अभी पुलिस मरीन फोर्स (पीएमएफ) के पास दस एफआईबी हैं और उन सभी को तटीय सुरक्षा के लिए पूरे द्वीपसमूह में तैनात किया गया है। इन दस में से एक 'एमवी त्राक' (निकोबार में एक द्वीप के नाम पर) है, जिसे पोर्ट ब्लेयर में फोनिक्स बे जेट्टी पर 'मोबाइल त्वरित प्रतिक्रिया दल' (एमक्यूआरटी) के रूप में तैनात किया गया है। फोनिक्स बे जेट्टी पर तैनात एमक्यूआरटी में अंडमान और निकोबार पुलिस, समुद्री बल के तकनीकी चालक दल के सदस्यों के साथ-साथ प्रशिक्षित आईआरबीएन (इंडिया रिजर्व बटालियन) कमांडो शामिल हैं, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हैं।

तेज गति से चलने वाली इस नाव में रात के दौरान खोज और बचाव अभियान के लिए उच्च तकनीक वाले निगरानी कैमरे, संचार प्रणाली और सर्च लाईट हैं। निर्बाध संचार स्थापित करने के लिए इसमें समुद्री और पुलिस वायरलेस सेट भी लगाए गए हैं।

एफआईबी का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा, 'इस बहुद्देश्यीय मंच ने अंडमान और निकोबार पुलिस बल की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को काफी बढ़ाया है। भविष्य में हम अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए द्वीपों के अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर मोबाइल त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के रूप में शेष एफआईबी को तैनात करने की भी योजना बना रहे हैं।'
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उन्होंने पुलिस मरीन फोर्स (पीएमएफ) के कर्मियों के समर्पण और कौशल के लिए उनकी भी प्रशंसा की। वे नौसेना और तटरक्षक बल के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि निकट भविष्य में उन्हें और अधिक बुनियादी ढांचा और संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
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