शाह ने शनिवार को ‘माटी कला महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा, हमारी अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, और अब 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा, खादी क्षेत्र के कारोबार में तीन गुना वृद्धि का मतलब बहुत बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़ते आंकड़े अधिक मानवीय हो जाएंगे।
इससे पहले, शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'सोमनाथ शरणं प्रपद्ये। श्री सोमनाथ मंदिर एक अविनाशी शाश्वत संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। आज प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव के दर्शन और पूजन के बाद सभी के कल्याण की कामना की। महादेव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।'
शाह ने इसके बाद नानावती की जन्मशती के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। यहां उन्होंने नानावती पर लेखों के संकलन का भी अनावरण किया। शाह ने 1950 के दशक में जूनागढ़ में पार्षद और स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष के रूप में और जूनागढ़ से दो बार विधानसभा के निर्वाचित सदस्य (पहली बार 1962 में और फिर 1972 में) के रूप में योगदान के लिए नानावती की सराहना की।
दिवंगत नानावती कांग्रेस के विधायक थे, जो चिमनभाई पटेल के नेतृत्व वाली सरकार में कानून, नगर पालिकाओं, नगर नियोजन और शहरी विकास के कैबिनेट मंत्री बने थे। शाह ने कहा, 'कोई भी एक आदमी को तब याद करता है, जब उसका जीवन सार्थक होता है। उन्होंने जूनागढ़ नगरपालिका के तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में बहुत काम किया।'
उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने विलिंग्डन बांध के सौंदर्यीकरण के लिए काम किया और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण करने, स्ट्रीट लाइट लगाने और सड़कों को पक्का करने के लिए आमंत्रित किया। नानावती विधायक बने और कानून मंत्री के रूप में कार्य किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने न केवल जूनागढ़ बल्कि गुजरात के लिए भी कई योगदान दिए।
शाह ने 2010 की उस घटना को याद किया जब सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्होंने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील निरुपम नानावती का भी जिक्र किया, जिन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक मामले में जेल जाने के दौरान शाह के वकील के रूप में भी काम किया था। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने मुझे सीबीआई के मामले में जेल भेजा। मेरे लिए यह स्वाभाविक रूप से एक कठिन समय था। जेल में डाले जाने से पांच मिनट पहले मैं जेल का मंत्री था। किसी भी व्यक्ति को धरती पर लाने के लिए भगवान ने कभी इतना बड़ा सौभाग्य नहीं दिया होगा।'