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UNLF: शांति समझौते के बाद गृह मंत्री ने कही यह बात; CM बोले- पूर्वोत्तर में बदलाव के पीछे मोदी-शाह के प्रयास

Wed, 29 Nov 2023 05:29 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छह दशक लंबे सशस्त्र आंदोलन के अंत पर खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा, यह पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मणिपुर सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब पूर्वोत्तर भारत में युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा।
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पूर्वोत्तर में बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण - फोटो : social media
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विस्तार
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केंद्र और राज्य के साथ लंबी चली वार्ता के बाद मणिपुर में एक प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट कर खुशी जाहिर की। इससे पहले, मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा था कि एक प्रतिबंधित संगठन के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि बहुत जल्द एक बड़े भूमिगत संगठन के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। 
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शांति समझौते के लिए गृह मंत्रालय पहुंचे लोग
यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। छह दशक लंबे सशस्त्र आंदोलन के अंत का प्रतीक माना जा रहा समझौता यूएनएलएफ पाम्बेई समूह के सदस्यों की मौजूदगी में हुआ। समझौते के लिए सभी लोग राष्ट्रीय राजधानी में गृह मंत्रालय पहुंचे।
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अमित शाह ने किया पोस्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि 'एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल हुआ!!! पूर्वोत्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मोदी सरकार के अथक प्रयासों ने पूर्ति का एक नया अध्याय जोड़ा है क्योंकि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने आज एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मणिपुर का सबसे पुराना सशस्त्र समूह यूएनएलएफ हिंसा को त्यागने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सहमत हो गया है। मैं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनका स्वागत करता हूं और शांति और प्रगति के पथ पर उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं।' मणिपुर की जनजातीय आबादी
इस साल मैतई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलो में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए थे, जिसके बाद से राज्य में भड़की हिंसा में 180 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। मैतई राज्य की आबादी का 53 फीसदी हिस्सा हैं और उनमें से अधिकांश इंफाल घाटी में रहते हैं। जबकि नागा और कुकी समेत अन्य आदिवासी आबादी का 40 फीसदी हैं, जो खासतौर पर राज्य के पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

मणिपुर सरकार का बयान
समझौते के बाद मणिपुर की भाजपा सरकार के मुखिया सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा, विपक्ष कुछ भी कह सकता है, वे इसी काम के लिए विपक्ष में हैं। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार काम करती है।मणिपुर सरकार वही काम कर भी रही है। उन्होंने कहा कि 70 साल बाद हालात के बदलाव में प्रधानमंत्री के प्रभाव का जिक्र करते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, पीएम मोदी ने जो जादू किया है, वह उसकी सराहना करना चाहते हैं।

UNLF के साथ समझौता पूर्वोत्तर में बदलाव का नतीजा
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने पूर्वोत्तर में जो विश्वास कायम करने का काम किया। प्रदेश के विकास के प्रति उन्होंने जो चिंता दिखाई, UNLF के साथ हुआ समझौता उसी का परिणाम है। बीरेन सिंह का दावा है कि पीएम मोदी के केंद्रीय सत्ता में आने के बाद पूर्वोत्तर, खासकर मणिपुर में बदलाव आए...सरकार के प्रति जनता के आत्मविश्वास के कारण ही आज शांति बहाल हो रही है।

मोदी-शाह बधाई के पात्र
सीएम बीरेन सिंह के अनुसार, यूएनएलएफ के साथ शांति वार्ता के प्रयास वर्षों से किये जा रहे थे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आज मणिपुर सरकार, भारत सरकार और यूएनलएफ के बीच हस्ताक्षर पीएम मोदी के नेतृत्व में हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। 
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उग्रवाद छोड़ शांति का रास्ता चुनेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में शांति बहाली के लिए कड़ी मेहनत की। यूएनएलएफ के कैडर शांति मार्ग पर चलने के लिए सहमत हुए हैं। उनके फैसले के लिए वह संगठन के सदस्यों की भी सराहना करते हैं। बीरेन सिंह के मुताबिक उन्हें पूरी उम्मीद है कि राज्य में उग्रवादी और हथियार उठाने वाले और लोग भी शांति का रास्ता चुनेंगे। 
 
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