केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया। इसके तहत पूर्व-सत्यापित भारतीय नागरिकों और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों की आव्रजन प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। गृह मंत्री ने फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय नागरिकों और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों के लिए यात्रा के अनुभव को तेज, आसान और ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
सरकार की एक दूरदर्शी पहल
एक अधिकारी ने कहा कि फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (एफटीआई-टीटीपी) सरकार की एक दूरदर्शी पहल है। इसे सोच-समझकर भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए योग्य व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोगों को आवेदन पत्र में बताए गए जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और चेहरा प्रमाणीकरण) जमा करना होगा।
बायोमेट्रिक्स की जानकारी देना जरूरी
उन्होंने कहा कि एफटीआई पंजीकरण अधिकतम पांच साल या पासपोर्ट की वैधता तक वैध माना जाएगा। जिन उम्मीदवारों के आवेदन को स्वीकारा जाएगा, उन्हें अपने बायोमेट्रिक्स की जानकारी देनी होगी। स्वीकृत आवेदनों को उनके बायोमेट्रिक्स विवरण प्रदान करने के लिए एक अपॉइंटमेंट लेने का संदेश मिलेगा। आवेदक पूर्व नियुक्ति कार्यक्रम के अनुसार भारत में नामित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों या निकटतम विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में अपने बायोमेट्रिक्स दे सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए बायोमेट्रिक्स अनिवार्य है। आवेदक एफटीआई-टीटीपी के लिए आवेदन करते समय कम से कम छह महीने की पासपोर्ट वैधता सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पासपोर्ट की वैधता के समाप्त होने के साथ ही इसकी वैधता भी खत्म हो जाएगी।
गलत जानकारी दी तो...
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आवेदन खारिज होने से बचने के लिए आवेदक को मौजूदा आवासीय पता देना होगा। उन्होंने कहा कि गलत और झूठी जानकारी या किसी भी तथ्यों को छिपाने से आवेदन खारिज भी हो सकता है। एफटीआई-टीटीपी के लिए उन आवेदकों का पंजीकरण नहीं होगा, जिनका बायोमेट्रिक किसी तकनीकी कारण से नहीं लिया जा सकता।
उन्होंने कहा कि एफटीआई-टीटीपी का लक्ष्य लोगों की यात्रा के अनुभव को आसान और अधिक सुरक्षित बनाना है। यह पहल सभी के लिए यात्रा सुविधा और दक्षता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एफटीआई के तहत पंजीकरण आवश्यक सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के बाद पूरा किया जाएगा।
मोबाइल ओटीपी और ईमेल सत्यापन के माध्यम से उनकी पहचान सफलतापूर्वक प्रमाणित होने के बाद आवेदकों को पंजीकृत किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक सपोर्ट हेल्प डेस्क ईमेल आईडी india.ftittp-boi@mha.gov.in भी साझा की।