देश में तीसरी बार सत्ता में काबिज केंद्र सरकार देश के कई राज्यों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर काफी सख्त नजर आ रही है। जम्मू-कश्मीर के हालातों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक के बाद केंद्र सरकार मणिपुर में सुरक्षा के स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
मैतेई और कुकी समुदाय से बातचीत करेगा गृह मंत्रालय
बैठक में अमित शाह ने बताया कि मणिपुर में जातीय विभाजन को पाटने के लिए गृह मंत्रालय जल्द से जल्द मैतेई और कुकी दोनों समुदायों से बात करेगा। शाह ने निर्देश दिया कि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। अगर आवश्यकता हुई तो केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। राज्य में शांति एवं सौहार्द बहाल करने के लिए केंद्रीय बलों को रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा।
'राज्य में हिंसा की कोई और घटना न हो'
गृहमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य में हिंसा की कोई और घटना न हो। उन्होंने मणिपुर के मुख्य सचिव को विस्थापित लोगों के लिए उचित स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। शाह ने विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्य के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहत शिविरों में स्थिति की समीक्षा
अमित शाह ने बैठक के दौरान राहत शिविरों में स्थिति की भी समीक्षा की। खासतौर पर उन्होंने भोजन, पानी, दवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उचित उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार मणिपुर में सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने में राज्य सरकार को सक्रिय रूप से सहयोग दे रही है।
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख तपन डेका, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सेना प्रमुख (नामित) लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, जीओसी थ्री कोर एचएस साही, मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, मणिपुर के मुख्य सचिव विनीत जोशी, मणिपुर के डीजीपी राजीव सिंह और असम राइफल्स के डीजी प्रदीप चंद्रन नायर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के काफिले पर हुआ था हमला
10 जून को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया था। जिसमें एक जवान के घायल होने की सूचना मिली थी। ये हमला तब हुआ था जब मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का काफिला हिंसा प्रभावित जिरीबाम इलाके की ओर जा रहा था। हालांकि इस मामले में कार्रवाई करते हुए मणिपुर पुलिस ने इंफाल-जिरीबाम सड़क के किनारे के सिनाम गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के कब्जे वाले चार बंकरों को ध्वस्त किया था।
इंफाल में एक घर में फेंका गया था ग्रेनेड
वहीं मणिपुर की राजधानी इंफाल में 11 जून को पोरोम्पैट में जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जेएनआईएमएस अस्पताल) में न्यूरोसर्जन डॉ. एम अमित कुमार के घर पर हमलावरों मे ग्रेनेड से हमला किया था। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था। इस दौरान फेंके गए दो ग्रेनेड बमों में से एक ही फटा था, जिससे सिर्फ गाड़ी को नुकसान पहुंचा था। वहीं दूसरे ग्रेनेड को पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया था।