फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संसद: महिला आरक्षण विधेयक के श्रेय को लेकर पक्ष-विपक्ष में खींचतान, भिड़े अमित शाह और अधीर रंजन चौधरी

Tue, 19 Sep 2023 03:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विधेयक के श्रेय को लेकर पक्ष-विपक्ष में खींचातानी बनी हुई है। अधीर रंजन लगातार महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस सरकार की पहल बता रहे हैं। वहीं, अमित शाह का कहना है कि पुराने विधेयक की वैधता खत्म हो गई है।
विज्ञापन
AMIT SHAH AND ADHIR RANJAN CHAUDHARY - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। आज संसद की कार्यवाही नए संसद भवन में की जा रही है। नए संसद भवन की शुरुआत में ही महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के बीच तीखी बहस देखी गई।

दरअसल, विधेयक के श्रेय को लेकर पक्ष-विपक्ष में खींचातानी बनी हुई है। अधीर रंजन लगातार महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस सरकार की पहल बता रहे हैं। उनका कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक की मांग यूपीए ने शुरू की थी। इस पर अमित शाह ने नए संसद भवन में कहा कि माननीय अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि पुराना विधेयक अभी भी जीवित है, जबकि स्पष्ट जानकारी है कि पुराने विधेयक की वैधता खत्म हो गई है। 

शाह ने कहा कि चौधरी जो दावा कर रहे हैं क्या उसके समर्थन में उनके पास कोई दस्तावेज हैं? उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सांसद के पास इससे संबंधित कोई कागजात हैं तो उन्हें सामने रखने चाहिए। गृह मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई कागज नहीं रख सकते हैं, तो कांग्रेस नेता को अपना बयान वापस लेना चाहिए।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि चौधरी ने यह भी कहा है कि यह विधेयक लोकसभा में राजीव गांधी के समय में पारित किया गया था, जबकि ऐसा कभी भी नहीं हुआ है। शाह के इतना बोलते ही संसद में जोरदार हंगामा होने लगा। विपक्षी नेताओं के जोरदार हंगामे के बीच शाह ने कहा कि मुझे पूरा तो बोलने दीजिए। वहीं, लोकसभा स्पीकर भी विपक्षी सांसदों को शांत कराते दिखे। 

शाह ने आगे बात जारी रखी। उन्होंने कहा कि अगर विधेयक लोकसभा में पारित हो गया और उसे राज्यसभा में पारित नहीं किया गया। वहीं, उस दौरान लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया तो विधेयक खुद ही खारिज माना जाता है। शाह ने कहा कि वह मानते हैं कि इस पर स्पष्टता होनी चाहिए। अगर अधीर रंजन चौधरी के पास इससे संबंधित कुछ जानकारी है तो उन्हें उसे सदन में रखना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें